पलारी निकाय चुनाव बना प्रतिष्ठा की जंग भाजपा के लखन लाल गुरुपंच और कांग्रेस के यानेश साहू के बीच कांटे की टक्कर, घर-घर पहुंच रहे प्रत्याशी
तिल्दा-नेवरा / पलारी। पलारी नगरीय निकाय चुनाव अब पूरी तरह से प्रतिष्ठा की लड़ाई में बदल चुका है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव प्रचार अभियान ने जोर पकड़ लिया है और भाजपा तथा कांग्रेस दोनों ही दलों के प्रत्याशी अपने-अपने पार्षद उम्मीदवारों के साथ मैदान में उतरकर सघन जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। सुबह से लेकर देर रात तक डोर-टू-डोर कैंपेन, नुक्कड़ सभाएं, मोहल्ला बैठकें और जनसंपर्क कार्यक्रमों का दौर लगातार जारी है, जिससे पूरे नगर में चुनावी माहौल गर्म हो गया है।
भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में अपने अनुभवी नेता लखन लाल गुरुपंच को मैदान में उतारा है। नगर की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय गुरुपंच को संगठन का मजबूत और अनुभवी चेहरा माना जाता है। भाजपा प्रत्याशी अपने प्रचार अभियान में साफ-सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, सड़क-नाली निर्माण, नगर विकास और बुनियादी सुविधाओं को प्रमुख मुद्दा बनाकर जनता के बीच पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि पलारी नगर के विकास के लिए अनुभवी नेतृत्व की आवश्यकता है, जो नगर की समस्याओं को समझते हुए स्थायी समाधान दे सके।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इस बार युवा चेहरा यानेश साहू पर दांव खेला है। यानेश साहू क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और खासकर युवाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। कांग्रेस प्रत्याशी अपने प्रचार में बदलाव, पारदर्शी प्रशासन, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार, युवाओं के लिए अवसर और नगर के समग्र विकास जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि पलारी नगर को नई सोच और युवा नेतृत्व की जरूरत है, जिससे विकास को नई दिशा मिल सके।
यह चुनाव केवल नगर अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा की जंग बन चुका है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पलारी निकाय चुनाव का परिणाम दोनों दलों के लिए राजनीतिक संदेश देने वाला साबित हो सकता है। यही वजह है कि जिला स्तर के नेता भी लगातार पलारी पहुंचकर कार्यकर्ताओं में जोश भरने और चुनावी रणनीति मजबूत करने में जुटे हुए हैं।
निकाय चुनाव में वार्ड पार्षदों की भूमिका भी बेहद अहम मानी जा रही है। इसी कारण दोनों प्रमुख दल अपने-अपने अध्यक्ष प्रत्याशियों के साथ पार्षद उम्मीदवारों को लेकर हर वार्ड में संयुक्त प्रचार कर रहे हैं। वार्ड स्तर पर मतदाताओं को साधने के लिए छोटी बैठकों, नुक्कड़ सभाओं और व्यक्तिगत संपर्क पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
फिलहाल पलारी की जनता दोनों प्रत्याशियों के वादों, कार्यशैली और विजन को ध्यान से परख रही है। एक तरफ अनुभव का दावा, तो दूसरी तरफ युवा जोश और बदलाव की बात-इन दोनों के बीच मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। अब देखना होगा कि पलारी की जनता किसे अपना समर्थन देती है और मतदान के दिन ऊंट किस करवट बैठता है। तब तक नगर में चुनावी सरगर्मी और तेज होने की पूरी संभावना है।

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