नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को आजीवन कारावास, POCSO कोर्ट का सख्त फैसला*धमतरी
धमतरी। धमतरी जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशेष POCSO न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। धमतरी पुलिस की प्रभावी, वैज्ञानिक एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना के आधार पर न्यायालय में अपराध सिद्ध होने के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला आया। उत्कृष्ट विवेचना के लिए पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय ने तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक टुमन लाल टडसेना को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना केरेगांव के अपराध क्रमांक 20/2025 (विशेष दांडिक प्रकरण क्रमांक 54/2025) में माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी/POCSO), धमतरी ने आरोपी राकेश मंडावी (28 वर्ष), निवासी ग्राम सियादेही, थाना केरेगांव को दोषी करार दिया।
न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत 7 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 87 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा आरोपी पर 5,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही न्यायालय ने आरोपी द्वारा जमा कराई गई 7,000 रुपये की राशि पीड़िता को उसके अभिभावक के माध्यम से प्रतिकर स्वरूप प्रदान करने का आदेश भी दिया है।
प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक टुमन लाल टडसेना ने की। उन्होंने वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत तरीके से साक्ष्य संकलित कर प्रकरण को प्रभावी ढंग से न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को कठोर सजा दिलाने में सफलता मिली।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय ने उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना के लिए निरीक्षक टुमन लाल टडसेना को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है। धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में "जीरो टॉलरेंस" की नीति के तहत पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने तथा अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए पुलिस पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

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