धर्मांतरण के इस खेल में मानवता हुआ शर्मसार तीन दिन तक शव का नहीं हो सका अंतिम संस्कार आखिर में शव को भेजना पड़ा बस्तर संभाग से बाहर
*TOP NEWS छत्तीसगढ़ भानुप्रतापपुर से संतोष बाजपेयी की रिपोर्ट*
*भानुप्रतापपुर*
धर्मांतरित लोगों के मौत के बाद कफन दफन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है एक बार फिर धर्मांतरित युवक की मौत के बाद उसके कफन दफन को लेकर ग्रामीणों ने जमीन देने से इनकार कर दिया ,जिसके बाद तीन दिनों तक युवक का दफन कफन का इंतजार करता रहा आखिर में उसे कांकेर जिले से ही नहीं बल्कि पूरे बस्तर संभाग से ही बाहर भेज दिया गया। मामला भानुप्रतापपुर क्षेत्र के कोडेकुर्से
गांव का है ,वहां के निवासी युवक मनीष निषाद की बीमारी के कारण 4 नवंबर को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद उसके परिजन शव को लेकर गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने धर्म परिवर्तन कर ईसाई समुदाय में जाने को लेकर गांव में कफन दफन से इनकार कर दिया ।इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद के बाद शव को परिजनों ने पुलिस की मदद से स्वास्थ्य केंद्र के मचुर्री में रखा गया था ।आज सुबह फिर ग्रामीणों की भीड़ थाना पहुंच गई, जिसके बाद शव को चारामा भेजा गया,लेकिन यहां भी हिंदू संगठन ने दफन कफन होने नहीं दिया जिसके बाद शव को कांकेर जिले से ही नहीं पूरे बस्तर संभाग से ही बाहर ले जाया गया। जिले में यह पहला मामला नहीं है,जब धर्मेंतरित व्यक्तियों के मौत के बाद कफन दफन को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो,आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी अब तक इसका स्थाई हल निकालने कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। धर्मान्तरण के इस खेल में मानवता रोज शर्मासर हो रही है। लेकिन इसके बावजूद भी इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। जिससे रोजाना किसी न किसी गांव में तनाव की स्थिति बनी रहती है।


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