कुसमी क्षेत्र में बॉक्साइट परिवहन बना खतरा, जाम टोली घाट में गार्डवाल नहीं होने से बढ़ रही दुर्घटनाएं..

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रिपोर्टर शादाब अंसारी 


कुसमी विकासखंड अंतर्गत सामरी एवं टाटी झरिया माइंस से प्रतिदिन बड़े पैमाने पर बॉक्साइट का परिवहन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, रोजाना लगभग 100 से 150 भारी वाहन इन खदानों से बॉक्साइट लेकर उत्तर प्रदेश और झारखंड की ओर रवाना होते हैं। इन वाहनों का मुख्य मार्ग जाम टोली घाट होकर गुजरता है, जो वर्तमान में सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील बना हुआ है।


स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के अनुसार, जाम टोली घाट में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। अक्सर घाटी में कोई न कोई ट्रक क्षतिग्रस्त या पलटा हुआ दिखाई देता है। कई मामलों में ड्राइवर और क्लीनर की जान तक चली गई है, जिससे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।


सबसे बड़ी समस्या यह है कि इतने बड़े स्तर पर खनिज परिवहन के बावजूद घाटी में अब तक गार्डवाल (सुरक्षा दीवार) का निर्माण नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि कुसमी से सामरी तक सड़क निर्माण कार्य तो चल रहा है, लेकिन संबंधित विभागीय इंजीनियरों के अनुसार इस परियोजना के एस्टीमेट में गार्डवाल का प्रावधान ही नहीं रखा गया है। केवल रोड फर्नीचर (सड़क संकेतक आदि) का कार्य प्रस्तावित है।


स्थानीय निवासियों, ट्रक मालिकों और चालकों ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब प्रतिदिन करोड़ों रुपए का खनिज परिवहन हो रहा है, तब सुरक्षा के बुनियादी इंतजामों की अनदेखी समझ से परे है। उनका कहना है कि गार्डवाल या मजबूत लोहे की रेलिंग के अभाव में घाटी में वाहन सीधे गहरी खाई में गिरने का खतरा बना रहता है।


इस गंभीर स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के लोगों एवं ट्रांसपोर्टरों ने कलेक्टर बलरामपुर और संबंधित विभाग से मांग की है कि जाम टोली घाट में तत्काल गार्डवाल या मजबूत रेलिंग का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो आगे और बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।


अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब तक संज्ञान लेता है हालाकि जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक बलरामपुर में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक बलरामपुर की मौजूदगी में हुई थी जिसमें दुर्घटनाजन्य स्थलों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के संबंधित विभाग को निर्देशित किए हैं लेकिन अब देखना यह होगा कि घाटी में यात्रियों एवं वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। 

विजय कुमार भारती कार्य पालन अभियंता ( लोक निर्माण विभाग) संभाग - रामानुज गंज का बयान 

मुझे अधिकारियों द्वारा निर्देशित किया गया है कि रोड सेफ्टी के स्टीमेट बन कर दो, स्टीमेट बनाने के लिए बोला हूँ जैसे ही स्वीकृत होगा कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा और ये कुसमी - सामरी सड़क मेरे प्राथमिकता में है

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