लगातार शिकायतों और खबरों के बावजूद अवैध रेत खनन पर कार्रवाई नहीं, प्रशासन और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

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लगातार मिल रही शिकायतों और समाचार प्रकाशन के बावजूद क्षेत्र में अवैध रेत खनन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कई स्थानों पर दिन-रात मशीनों के माध्यम से रेत निकासी किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन अब तक जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। इससे आम लोगों में प्रशासन और खनिज विभाग की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन की जानकारी लगातार प्रशासन तक पहुंचाई जा रही है। कई बार समाचार माध्यमों में भी खबरें प्रकाशित होने के बावजूद संबंधित विभाग केवल औपचारिकता निभाते नजर आ रहे हैं। मौके पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से लोगों में यह धारणा बन रही है कि या तो विभाग इस मामले में लापरवाही बरत रहा है या फिर कार्रवाई करने से बच रहा है।

बताया जा रहा है कि कई जगहों पर भारी मशीनों के जरिए रात-दिन रेत का उत्खनन किया जा रहा है, जिससे शासन के नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। अवैध खनन से जहां शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं पर्यावरण और नदी-नालों के अस्तित्व पर भी खतरा बढ़ता जा रहा है।

यदि लगातार शिकायतों, समाचार प्रकाशन और स्थानीय लोगों द्वारा विरोध जताने के बाद भी अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है, तो इसे प्रशासनिक ढिलाई माना जाएगा। ऐसे मामलों में लोगों की अपेक्षा रहती है कि खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर जांच करे और नियमों के विरुद्ध संचालित खदानों तथा मशीनों पर सख्त कार्रवाई करे।

अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग कब जागेगा और अवैध रेत खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे। क्षेत्र की जनता प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रही है, ताकि अवैध खनन पर अंकुश लगाया जा सके और नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।

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