ग्राम पंचायत कोहका में जायसवाल परिवार द्वारा आयोजित श्री मद भागवत कथा में सुनाई गई सुखदेव के जन्म की कथा

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तिल्दा नेवरा: ग्राम पंचायत कोहका में चल रही श्रीमदभागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन शनिवार को कथा वाचिका पूज्य पूजा किशोरी जी बेमेतरा ने सुखदेव जी के जन्म की कथा श्रवण कराते हुए कहा कि कलयुग में भागवत महापुराण कल्पवृक्ष से भी बढ़कर है। कथा अर्थ, धर्म, काम के साथ साथ भक्ति और मुक्ति प्रदान कर जीव को परम पद प्राप्त कराती है।


तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के ग्राम कोहका में कल शुक्रवार से भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। स्वर्गीय श्री भरत लाल जायसवाल जी की पुण्य स्मृति में आयोजित “संगीतमय श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ” का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा एवं शोभायात्रा के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


पूज्य पूजा किशोरी जी ने कहा श्रीमदभागवत पुस्तक नहीं साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप है। इसके एक एक अक्षर में भगवान समाए हुए हैं। इस कथा को सुनना दान, व्रत, तीर्थ से भी बढ़कर है। धुंधकारी जैसे महापापी, प्रेतात्मा का उद्धार हो जाता है। मनुष्य से गलती होना बड़ी बात नहीं लेकिन गलती को समय रहते सुधार करना जरूरी है। ऐसा नहीं किया तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। भागवत के श्रोता के अंदर जिज्ञासा होनी और श्रद्धा होनी चाहिए। परमात्मा दिखाई नहीं देता पर हर किसी में बसता है। हमारे पूर्वजों ने सदैव ही पृथ्वी का पूजन और रक्षा की। इसके बदले पृथ्वी ने मानव का रक्षण किया। सप्ताह भर चलेंगे विविध धार्मिक प्रसंग

1 मई से 9 मई तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन भागवत कथा के विभिन्न प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। कथा के दौरान भगवान की लीलाओं, भक्तों की भक्ति और धर्म के महत्व को सरल और प्रभावी शैली में प्रस्तुत किया जाएगा।



1 मई: कलश यात्रा एवं भागवत महात्म्य


3 मई: ध्रुव चरित्र


5 मई: राम-कृष्ण जन्म एवं नंदोत्सव


6 मई: माखन चोरी, गोवर्धन पूजा एवं 56 भोग


7 मई: रुक्मणी विवाह


9 मई: गीता पाठ, हवन एवं तुलसी वर्षा


श्रद्धालुओं से की गई अपील

यह आयोजन प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से “प्रभु इच्छा तक” ग्राम कोहका में आयोजित होगा। आयोजनकर्ता अनुसुईया बाई जायसवाल, अनिल-अंजलि जायसवाल, चेतन-वेदमणी जायसवाल एवं समस्त जायसवाल परिवार ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर कथा श्रवण करने एवं पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

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