कलेक्टर क्षीरसागर ने पखांजूर क्षेत्र के दूरस्थ गांवों का किया आकस्मिक निरीक्षण
मलेरिया पीड़ित 8 वर्षीय बालक को मोटरबोट से साथ लाकर सिविल अस्पताल में कराया भर्ती
घरों, स्कूलों और आश्रम छात्रावासों में पहुंचकर जानी स्वास्थ्य व मूलभूत सुविधाओं की स्थिति
कांकेर। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने कोयलीबेड़ा विकासखंड के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों का आकस्मिक दौरा कर विकास कार्यों, स्वास्थ्य सुविधाओं और ग्रामीणों की समस्याओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सितरम क्षेत्र के ग्राम कंदाड़ी, आलदंड, खैरीपदर और बांगोभोड़िया सहित अन्य गांवों का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने गांवों के घरों, स्कूलों, आश्रम छात्रावासों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचकर विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों का हालचाल जाना और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली।
ग्राम कंदाड़ी के टोलापारा में मलेरिया प्रभावित परिवारों से मुलाकात के दौरान कलेक्टर ने लगभग 8 वर्षीय एक बीमार बालक की स्थिति को गंभीरता से लिया। संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उन्होंने बालक को अपने साथ मोटरबोट से लाकर तत्काल सिविल अस्पताल पखांजूर में भर्ती कराया। कलेक्टर ने बीएमओ को बालक का बेहतर उपचार सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल उपचार एवं आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि सितरम सेक्टर के आरोग्य मंदिर अंतर्गत आने वाले 13 गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर 217 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान 8 मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए, जिनका तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया है।
इसके बाद कलेक्टर बेचाघाट पहुंचे। जलभराव की स्थिति के कारण उन्होंने मोटरबोट से नदी पार की और दोपहिया वाहन से कंदाड़ी घोटुल पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर बनाने के लिए दो अतिरिक्त मोटरबोट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
कलेक्टर ने मोटरसाइकिल से खैरीपदर और बांगोभोड़िया पहुंचकर जर्जर स्कूल भवनों का निरीक्षण किया। उन्होंने नए स्कूल भवनों की स्वीकृति के लिए आवश्यक प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। कंदाड़ी के आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण करते हुए निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए।
कंदाड़ी स्थित शासकीय 50 सीटर प्री-मैट्रिक छात्रावास के निरीक्षण के दौरान केवल 25 छात्र उपस्थित पाए गए। कलेक्टर ने छात्रावास की व्यवस्थाओं की समीक्षा की और नए भवन की स्वीकृति के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। वहीं, ग्राम छोटेबेठिया के नवनिर्मित प्री-मैट्रिक छात्रावास का निरीक्षण कर लोक निर्माण विभाग को शेष निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर छात्रावास को उपयोग के लिए तैयार करने के निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान कंदाड़ी के सरपंच ने नल-जल योजना के तहत पेयजल आपूर्ति नहीं होने की समस्या से कलेक्टर को अवगत कराया। इस पर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पात्र ग्रामीणों को प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का अधिक से अधिक लाभदिलाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
इसके पश्चात कलेक्टर ने पखांजूर के समीप स्थित अंजाड़ी नाला पुल का निरीक्षण किया। पुल में दरार आने की जानकारी मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में भारी वाहनों, विशेषकर सूरजगढ़ माइंस से संबंधित वाहनों के लगातार आवागमन के कारण पुल में दरारें आने की स्थिति बनी है।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी, जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उदय नाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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