धमतरी में महिला के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद, ग्रामीणों ने जताया विरोध; पुलिस की मौजूदगी में बनी सहमति
धमतरी। धमतरी जिले के भखारा थाना क्षेत्र अंतर्गत रांवा-कुर्रा गांव में एक बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार को लेकर रविवार को विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। महिला के परिवार द्वारा करीब एक वर्ष पूर्व ईसाई धर्म अपनाए जाने की जानकारी के बाद अंतिम संस्कार की धार्मिक रीति-रिवाज को लेकर कुछ ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। बाद में गांव के वरिष्ठजनों और परिवार के बीच चर्चा के बाद हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किए जाने पर सहमति बनी।
जानकारी के अनुसार, 80 वर्षीय सोनबती यादव का निधन होने के बाद परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान गांव में उनके अंतिम संस्कार की धार्मिक प्रक्रिया को लेकर विरोध शुरू हो गया। बताया गया कि महिला के परिवार ने करीब एक वर्ष पूर्व ईसाई धर्म अपनाया था, जिसके चलते अंतिम संस्कार किस धार्मिक परंपरा के अनुसार किया जाए, इसे लेकर विवाद की स्थिति बन गई।
महिला की मृत्यु की जानकारी मिलने के बाद हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता और कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। मामले की सूचना मिलने पर भखारा थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के साथ दोनों पक्षों से बातचीत शुरू की।
पुलिस की समझाइश के बाद गांव के बड़े-बुजुर्गों और परिवार के सदस्यों के बीच बैठक हुई। चर्चा के बाद आपसी सहमति से महिला का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज एवं गांव की परंपरा के अनुसार किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी कराई गई।
हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता डाकेश्वर साहू ने बताया कि सोनबती यादव के परिवार द्वारा ईसाई धर्म अपनाए जाने के बाद उनकी मृत्यु पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों में आपत्ति थी। ग्रामीणों की मांग थी कि महिला का अंतिम संस्कार गांव की परंपरा और हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार किया जाए।
वहीं, भखारा थाना प्रभारी अरुण साहू ने बताया कि रांवा-कुर्रा गांव में अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की सूचना मिली थी। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों एवं परिवार के सदस्यों से चर्चा की। गांव के वरिष्ठजनों की मौजूदगी में आपसी सहमति बनने के बाद अंतिम संस्कार कराया गया। फिलहाल गांव में शांति एवं कानून-व्यवस्था सामान्य है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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