ईसाई धर्म को भूमि देने के विरोध में सर्व समाज एकजुट, प्रशासन को चेतावनी

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दुर्गूकोंदल (कांकेर)। ईसाई धर्म के लोगों को कब्रिस्तान हेतु भूमि आवंटन का मामला अब विवादों में घिर गया है। कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल ब्लॉक में ST, SC और OBC समुदायों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर इस फैसले का विरोध किया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर भूमि आवंटन आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की।


स्थानीय समुदायों का कहना है कि दुर्गूकोंदल क्षेत्र पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र है, जहां गायता, पटेल, सिरहा और मांझी मुखिया द्वारा संचालित पारंपरिक देवव्यवस्था कायम है। 141 गांवों में यह परंपरा जीवित है। लोगों का आरोप है कि ईसाई धर्म के लोग यहां धर्मांतरण के लिए प्रलोभन दे रहे हैं, जिससे उनकी सांस्कृतिक और धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुँच रही है। उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान के लिए भूमि देने से उनकी विरासत और देवी-देवताओं का अपमान होगा।


प्रशासन को चेतावनी देते हुए समुदाय के नेताओं ने साफ कहा कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो तेज आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र टेकाम, दुर्गूकोंदल सभापति विकास राजू नायक, नंदकिशोर नेताम (अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज), विजय पटेल (अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग समाज), रामचंद्र कल्लो (उपाध्यक्ष गोंडवाना समाज), रमेश दुग्गा (उपाध्यक्ष गोंडवाना समाज), जगत दुग्गा, अशोक जैन, पीलम नरेटी, सामसिंह नरेटी, नेमा कोमरा, अरुण कल्लो, पीलाराम उयका, बिदेसिंह कल्लो, राजू विकास नायक, दीपक पुडो, उमेश दुग्गा, नरेश कोमरा, जागेश्वर टेकाम, सोहद्रा दुग्गा, अमिता दुग्गा, यशोदा यादव, राधा मण्डावी, देवकी नाग, पार्वती कोरेटी और अमीला दुग्गा सहित बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोग शामिल रहे।

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