गोदावरी माइंस की जनसुनवाई भानुप्रतापपुर में कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों का 'चक्का जाम
*TOP NEWS छत्तीसगढ़ भानुप्रतापपुर से संतोष बाजपेयी की रिपोर्ट*
*भानुप्रतापपुर*
भानुप्रतापपुर गोदावरी माइंस द्वारा प्रस्तावित जनसुनवाई को लेकर खनन प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने आज भानुप्रतापपुर कच्चे मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि जनसुनवाई का आयोजन भानुप्रतापपुर में ही किया जाए। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण इस प्रदर्शन में शामिल हुए, जिसके चलते इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
*'आदिवासी भाइयों का शोषण कर रहा गोदावरी माइंस' - कोमल हुपेंडी*
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आदिवासी नेता कोमल हुपेंडी ने गोदावरी माइंस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हुपेंडी ने कहा कि गोदावरी माइंस प्रबंधन लगातार आदिवासी भाइयों का शोषण कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि कंपनी की मनमानी पर रोक लगाई जाए।
*विकास कार्यों में मनमानी और रोजगार की मांग*
प्रदर्शन में बैठे ग्रामीणों ने मुख्य रूप से बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग की है। उनका कहना है कि माइंस द्वारा उत्पन्न किए गए बेरोजगारी के संकट को दूर करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी द्वारा CSR और DMF की राशि का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों के विकास में नहीं किया गया है। उनका कहना है कि CSR और DMF राशि से कोई विकास कार्य नहीं हुआ है, जबकि इन निधियों का उद्देश्य स्थानीय विकास और कल्याण होता है।
*पुलिस की तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था*
प्रदर्शन और चक्का जाम के चलते किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों से बातचीत कर जाम खुलवाने और उनकी मांगों पर विचार करने का प्रयास किया जा रहा है।
सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों के इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से यह स्पष्ट है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में कंपनी के कामकाज और जनसुनवाई के स्थान को लेकर गहरा असंतोष है।

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