जिला बस्तर मे धान का उठाव ना होने के कारण धान खरीदी केन्द्रो मे लग रहा बेहद जाम, किसान हो रहे परेशान, धान खरीदी की गति भी हो रही है कम, जिला प्रशासन करें जल्द उचित व्यवस्था - नरेन्द्र भवानी /संस्थापक छत्तीसगढ़ युवा मंच
*मामले मे छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी ने बयान जारी कर बस्तर जिला प्रशासन से धान उठाओ जल्दी करने की अपील की है, जिला बस्तर के तोकापाल एरिया, नगरनार एरिया, घोटिया एरिया,गर्दा एरिया, भानपुरी एरिया लगभग चारो तरफ धान खरीदी केन्द्रो मे जगह का सोटेज देखने को मिला, गाड़ियों की लम्बी कतारे दिखाई दी, धान खरीदी केंद्र मे धान रखने का जगह भी लगभग भरा हुआ दिखाई दिया ऐसी स्थिति मे धान खरीदी की गति भी कम होंगी और किसानों को बहुत परेशानी होगा, जिला प्रशासन ख़रीदा हुवा धानो को जल्द उठाने का काम करें जिससे किसानों को मिलेगा राहत, भीड़ भाड़ की हुई खराब व्यवस्था भी सुधर पायेगा अन्यथा धान खरीदी केन्द्रो मे गाड़ियों की आने जाने तक का रास्ता जाम जैसा हालत है*
*धान की जल्दी उठाओ ना होने के कारण यह नुक्सान संभव*
1- वजन में कमी (Weight Loss): धान का उठाव देर से होने पर नमी के कारण धान का वजन प्रति क्विंटल 1-2 किलो तक कम हो जाता है, जिससे किसानों को सीधे नुकसान होता है।
2- भुगतान में देरी (Delayed Payment): धान बेचने के कई हफ्तों बाद तक भुगतान नहीं मिलता, जिससे किसानों को कर्ज़ चुकाने और अगली फसल की तैयारी करने में मुश्किल होती है।
3- खरीदी केंद्र बंद (Procurement Centers Close): केंद्र में धान जमा होने और जगह न होने से खरीद रुक जाती है, जिससे किसानों को धान बेचने का मौका नहीं मिलता।
4- आर्थिक संकट (Financial Crisis): समय पर पैसे न मिलने और कर्ज के कारण किसान गंभीर आर्थिक तंगी में फंस जाते हैं, जिससे आत्महत्या जैसी नौबत आ जाती है।
5- व्यापारियों को फायदा (Benefit to Traders): सरकारी खरीद में देरी होने पर किसान मजबूरी में व्यापारियों को कम दाम पर धान बेचते हैं, जिससे व्यापारी मुनाफा कमाते हैं।
6- अगली फसल पर असर (Impact on Next Crop): धान के ढेर लगे रहने और भुगतान न मिलने से अगली फसल की बुवाई के लिए समय कम बचता है, जिससे फसल चक्र प्रभावित होता है।
*यह सब नुक्सान क्यूँ होने देना समय रहते जिला प्रशासन समस्या का समाधान करें जिला प्रशासन*


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