छत्तीसगढ़ सरकार की भारतीय जनता पार्टी के सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए किसानों के घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करना किसानों का घोर अपमान है- हरेश चक्रधारी प्रदेश सचिव आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़

0


*भारतीय जनता पार्टी द्वारा* *किसानों के दाना -दाना धान खरीदनें कि वादा झुठा- रोहित केमरो आप नेता*


*TOP NEWS छत्तीसगढ़ भानुप्रतापपुर से संतोष बाजपेयी की रिपोर्ट*


*भानुप्रतापपुर*

आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव हरेश चक्रधारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि वर्तमान छत्तीसगढ़ के भारतीय जनता पार्टी के विष्णु देव साय सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी प्रक्रिया के तहत किसानों के घर-घर जाकर धान के भंडारण का सत्यापन करवाना किसानों के आत्मसम्मान पर सीधा प्रहार है। यह नीति न केवल किसानों का अपमान है, बल्कि उनकी मेहनत और स्वाभिमान को कुचलने वाली है।  

किसान वर्ष भर कड़ी मेहनत कर धान उत्पन्न करते हैं। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पहले से ही जटिल प्रक्रियाएं और टोकन व्यवस्था किसानों को परेशान कर रही हैं। अब सरकार के अधिकारी और कृषि विस्तार कर्मचारी किसानों के घरों में घुसकर धान की जांच कर रहे हैं, जैसे किसान चोर है या धान चोरी करके बेच रहे हैं इस प्रकार तलाशी कि कार्यवाही किसानों को अपमानित महसूस करा रही है। एक तरफ सरकार पेशा कानून पांचवीं अनुसूची के पालन पर जोर दे रही लेकिन खुद उसका पालन नहीं कर रहे हैं जबरदस्ती किसानों के घर में घुस कर तलाशी ले रहे हैं जो की पांचवीं अनुसूची और पेशा कानून का उल्लंघन है सरकार धान खरीदी के वादे से मुकर रही है सरकार के इस फैसले से मानसिक एवं शारीरिक रूप से परेशान हैं किसान को पहले खाद बीज के नाम से परेशान किया गया उसके बाद जैसे तैसे फसल पकने के बाद जब बेचने कि समय आया तो पहले रकबा घटा दिया गया फिर टोकन के नाम से परेशान किया गया और अब भौतिक सत्यापन के नाम से परेशान किया जा रहा है क़र्ज़ तले दबे किसान आखिर करें तो करें क्या लेकिन सरकार ये मत भुले जिस दिन किसान जवान और मजदूर अपने पे आ गये तो अच्छे से अच्छे सरकार को उखाड़ कर फेंक देते हैं और जिस प्रकार से सरकार किसानों के ऊपर लगातार प्रताड़ना कर रही है ओ दिन दुर नहीं भारतीय जनता पार्टी को सरकार से हाथ धोना पड़ेगा 

आम आदमी पार्टी
सरकार से मांग करती है कि ये तानाशाही फैसला वापस ले अन्यथा किसानो को लेकर आंदोलन करेगी।

Share this article

Show comments
Hide comments

0 Comments

Post a Comment