नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20 वर्ष की कठोर सजा, धमतरी पुलिस की मजबूत विवेचना और एसपी सूरज सिंह परिहार के मार्गदर्शन में न्यायालय का बड़ा फैसला

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धमतरी। महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध धमतरी police लगातार सख्त और प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में धमतरी पुलिस की मजबूत विवेचना, पुख्ता साक्ष्य और प्रभावी पैरवी के चलते माननीय न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की कठोर सजा सुनाई है। वर्ष 2026 में पॉक्सो एक्ट के तहत यह छठवां मामला है, जिसमें न्यायालय द्वारा आरोपी को कड़ी सजा दी गई है। इस कार्रवाई को धमतरी पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार थाना मगरलोड में दर्ज अपराध क्रमांक 188/2025 में आरोपी गजेन्द्र कुमार विश्वकर्मा, पिता मानसिंग विश्वकर्मा, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम भरदा, थाना मगरलोड, जिला धमतरी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 64(2) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया था।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार द्वारा मामले की लगातार मॉनिटरिंग की गई। साथ ही विवेचना अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और प्रभावी जांच के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। एसपी के मार्गदर्शन में विवेचना अधिकारी सउनि. महेन्द्र कुमार साहू ने अत्यंत गंभीरता, सूक्ष्मता एवं पेशेवर दक्षता के साथ पूरे मामले की जांच की।

विवेचना के दौरान वैज्ञानिक पद्धति से साक्ष्य संकलित किए गए, गवाहों के मजबूत बयान दर्ज किए गए तथा सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को प्रभावी तरीके से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी गजेन्द्र कुमार विश्वकर्मा को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 3000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

न्यायालय के इस फैसले को महिला एवं बाल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। धमतरी पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि महिला एवं बच्चों से जुड़े अपराधों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

धमतरी पुलिस की इस उल्लेखनीय सफलता पर पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार द्वारा विवेचना अधिकारी सउनि. महेन्द्र कुमार साहू को उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य के लिए नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किए जाने की घोषणा भी की गई है। पुलिस विभाग का मानना है कि इससे अन्य अधिकारी-कर्मचारियों को भी गंभीर मामलों में बेहतर और प्रभावी कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में धमतरी पुलिस द्वारा पॉक्सो एक्ट के कुल छह मामलों में आरोपियों को कठोर सजा दिलाई जा चुकी है। इनमें थाना सिटी कोतवाली धमतरी के दो मामले, चौकी बिरेझर का एक मामला, थाना सिहावा का एक मामला तथा थाना मगरलोड के दो मामलों में प्रभावी विवेचना एवं पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय से आरोपियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा दिलाई गई है।

धमतरी पुलिस द्वारा महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े अपराधों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए लगातार त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि समाज में अपराधियों के मन में कानून का भय बना रहे।

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