आदिवासी महिला एवं मंदिर पुजारी श्रीमती लखमनी बघेल को न्याय दो
बस्तर की आदिवासी महिला एवं मंदिर पुजारी माता श्रीमती लखमनी बघेल जी अपने निजी स्वामित्व की भूमि को अन्य कब्जों से मुक्त कराने तथा असंवैधानिक रूप से नजूल घोषित की गई जमीन को वापस दिलाने की मांग को लेकर कई वर्षों से संघर्ष कर रही हैं। कई बार शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखने के बावजूद आज तक उन्हें न्याय नहीं मिला है।
इसी मांग को लेकर बस्तर से मुख्यमंत्री निवास रायपुर तक लगभग 300 किलोमीटर की शांतिपूर्ण पैदल यात्रा निकाली हुई थी, जिसका समर्थन भीम आर्मी द्वारा किया गया। यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रही थी और धमतरी तक पहुंच चुकी थी। जानकारी के अनुसार रात लगभग 1 बजे पुलिस प्रशासन द्वारा यात्रा में शामिल लोगों को जबरन गाड़ी में बैठाया गया। जब उनसे पूछा गया कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है, तब केवल इतना कहा गया कि “ऊपर से आदेश है”, लेकिन किसी प्रकार की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उन्हें रातों-रात वापस बस्तर लाया गया।
प्रदेश अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष महोदय द्वारा पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि भीषण गर्मी को देखते हुए सीमित संख्या में लोग शांतिपूर्ण तरीके से रायपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्या रखें। संगठन द्वारा सभी कार्यकर्ताओं को शांति और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद शांतिपूर्ण यात्रा को रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है।
भीम आर्मी भाजपा सरकार को स्पष्ट चेतावनी देना चाहती है कि आदिवासियों की जमीनों को छीनना, बाहरी लोगों के नाम पर भूमि आवंटित करना बंद करे। बस्तर में लगातार आदिवासी समाज की जल-जंगल-जमीन पर हमला किया जा रहा है। आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को भी छीनना और उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे समाज अब और बर्दाश्त नहीं करेगा।
यदि आदिवासी महिला एवं मंदिर पुजारी श्रीमती लखमनी बघेल जी को उनकी वैधानिक एवं पैतृक भूमि वापस नहीं दी जाती है, तो पूरे प्रदेश में उग्र लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा। आने वाले समय में आदिवासी समाज और बहुजन समाज भाजपा सरकार के आदिवासी विरोधी नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा। इसका राजनीतिक और सामाजिक परिणाम भी भाजपा को भुगतना पड़ सकता है।
बस्तर का आदिवासी समाज सदियों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करता आया है। भाजपा सरकार आदिवासियों का शोषण करना बंद करे और श्रीमती लखमनी बघेल जी को शीघ्र न्याय दे, अन्यथा पूरे बस्तर सहित प्रदेशभर में भाजपा की तानाशाही का विरोध किया जाएगा।

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