*अंतागढ़ में 'चौथे स्तंभ' का हल्लाबोल* *बड़ी कार्रवाई की मांग*

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लोकेशन अंतागढ़ 
रिपोर्टर रमेश टंडन अंतागढ कांकेर
  

एंकर=  लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों और स्थानीय पुलिस प्रशासन के बीच का गतिरोध अब चरम पर पहुँच गया है। अंतागढ़ थाना प्रभारी के कथित दुर्व्यवहार और तानाशाही रवैये के खिलाफ 'अंतागढ़ पत्रकार संघ' ने मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पत्रकारों का साफ़ तौर पर कहना है कि जब तक थाना प्रभारी को तत्काल पद से नहीं हटाया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। यह लड़ाई अब आर-पार की है।
मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से अंतागढ़ थाना प्रभारी का रवैया मीडिया कर्मियों के प्रति बेहद संवेदनहीन, अभद्र और तानाशाही पूर्ण रहा है। पत्रकारों का आरोप है कि कर्तव्य पालन के दौरान थाना प्रभारी द्वारा लगातार उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। इस तानाशाहीपूर्ण रवैये से क्षुब्ध होकर पूरे पत्रकार संघ को मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा। वही आज धरना के पहला  दिन में ही अंतागढ़ सरपंच संघ धरना स्थल पहुंच कर पत्रकारों का समर्थन किया। वही पत्रकारों से सलाह मसूरा कराने अंतागढ़ एसडीएम राहुल रज्जाक भी धरना स्थल पहुंचे। लेकिन चर्चा सकारात्मक नही हुआ और पत्रकार संघ धरने पर डटे हुवे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्रकार संघ ने स्थानीय प्रशासन समेत पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों को भी वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया है। हालांकि, घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों की इसी कशमकश और उदासीनता के कारण पत्रकारों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर पहुँच गया है, जिसके चलते धरने में आक्रोश और बढ़ता जा रहा है।
अंतागढ़ पत्रकार संघ ने दोटूक शब्दों में प्रशासनिक अमले को चेतावनी दी है कि यह धरना किसी भी सूरत में तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक थाना प्रभारी पर निलंबन या स्थानांतरण की गाज नहीं गिरती।

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