डांगरा रेत खदान के विरोध के बीच उठे सवाल, अन्य खदानों पर कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी

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दुर्गुकोंदल। दुर्गुकोंदल क्षेत्र में डांगरा रेत खदान के विरोध को लेकर चावेला में ग्रामीणों एवं युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन कर चक्का जाम किया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए क्षेत्र में अवैध रेत खनन पर रोक लगाने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। आंदोलन के बाद पूरे क्षेत्र का राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और रेत खनन का मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।

हालांकि इस विरोध प्रदर्शन के बीच अब ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के बीच कई सवाल भी उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि आखिर केवल डांगरा रेत खदान को लेकर ही इतना बड़ा विरोध क्यों किया जा रहा है, जबकि दुर्गुकोंदल ब्लॉक के अन्य क्षेत्रों में भी लंबे समय से रेत खनन होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

ग्रामीणों के अनुसार डांगरा के अलावा फितेफुलचूर, मेरेगांव, धनवफूलचूर और गुदूम सहित कई इलाकों में भी रेत खनन गतिविधियां संचालित होने की चर्चाएं समय-समय पर होती रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर मशीनों के माध्यम से उत्खनन और रेत परिवहन किए जाने की बातें भी सामने आती रही हैं, लेकिन उन क्षेत्रों को लेकर कभी इस तरह का बड़ा आंदोलन या चक्का जाम देखने को नहीं मिला।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है तो कार्रवाई और विरोध सभी रेत खदानों के खिलाफ समान रूप से होना चाहिए। केवल एक खदान को केंद्र में रखकर विरोध किए जाने से लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं और सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह मांग भी उठ रही है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं व्यापक जांच कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दुर्गुकोंदल ब्लॉक की सभी रेत खदानों की जांच कराई जाए और जहां कहीं भी नियमों का उल्लंघन या अवैध खनन पाया जाए, वहां संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक स्थान पर कार्रवाई होती है और अन्य स्थानों पर अनदेखी की जाती है, तो इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं।

प्रदर्शन के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोगों का कहना है कि प्रशासन यदि निष्पक्ष जांच कर सभी मामलों में समान कार्रवाई करता है, तभी अवैध खनन पर प्रभावी रोक लग सकेगी और लोगों का विश्वास कायम रहेगा।

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