भानुप्रतापपुर, PWD दफ्तर में भारी हंगामा, ठेकेदार और कर्मचारी के बीच भिड़ंत; कमीशनखोरी और मारपीट के आरोपों से मचा हड़कंप
भानुप्रतापपुर । कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक सड़क निर्माण के बिल भुगतान को लेकर ठेकेदार और विभागीय कर्मचारी आपस में भिड़ गए। दफ्तर के भीतर हुई इस भिड़ंत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला अब पुलिस और जिला प्रशासन तक पहुँच चुका है।
अंतागढ़-नारायणपुर सड़क निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार नवीन अग्रवाल ने विभागीय कर्मचारी सूरज साहू पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। ठेकेदार का दावा है कि उनके जायज बिलों के भुगतान को जानबूझकर रोका जा रहा था। आरोप है कि भुगतान के बदले मोटी कमीशन की मांग की गई और मना करने पर कर्मचारी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज शुरू कर दी, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
वहीं दूसरी ओर कर्मचारी सूरज साहू ने इन तमाम आरोपों को निराधार बताते हुए ठेकेदार नवीन अग्रवाल पर गंभीर आरोप है कि ठेकेदार नवीन अग्रवाल ने कार्यालय की मर्यादा और नियमों को ताक पर रखकर अपने कुछ साथियों के साथ जबरन भीतर प्रवेश किया। उन्होंने न केवल उनके साथ बदतमीजी की, बल्कि कार्यालय के भीतर ही मारपीट भी की। कर्मचारी ने इस घटना को शासकीय कार्य में सीधे तौर पर बाधा डालना बताया है और प्रशासन से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है।
अपनी व्यथा बताते हुए सूरज साहू भावुक हो उठे। उन्होंने कहा, "उस घटना के बाद से मैं मानसिक रूप से बेहद आहत हूँ। ठेकेदार द्वारा मारे गए थप्पड़ की गूंज मेरे कानों में अब भी गूंज रही है, जिसके कारण मैं रात भर सो नहीं पा रहा हूँ। सरेआम हुई इस मारपीट से मेरा आत्मसम्मान बुरी तरह आहत हुआ है।"
कर्मचारी ने मांग की है कि इस तरह सरेराह शासकीय कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी कार्यालय की गरिमा को ठेस न पहुँचा सके।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी लिखित शिकायत जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) से भी की गई है। वायरल वीडियो ने प्रशासन की कार्यशैली और कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
भानुप्रतापपुर के SDOP शेर बहादुर सिंह ने बताया कि पुलिस को इस मामले में दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुए हैं। फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को साक्ष्य (सबूत) के तौर पर जांच में शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की सत्यता की पुष्टि और दोनों पक्षों के बयानों की जांच के बाद निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"


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