भीषण गर्मी में स्कूल खोलने का फैसला बच्चों के साथ अन्याय – निकेश सिंह ठाकुर

0
  *TOP NEWS छत्तीसगढ़ जिला उत्तर बस्तर कांकेर ग्रामीण से संतोष बाजपेयी की रिपोर्ट*                       *भानुप्रतापपुर*
छत्तीसगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच 15 जून से स्कूल खोलने का निर्णय पूरी तरह अव्यावहारिक और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। भाजपा सरकार स्वयं को संवेदनशील सरकार बताती है, लेकिन उसका यह फैसला बताता है कि उसे न बच्चों की चिंता है और न ही अभिभावकों की परेशानियों की।
जब तापमान लगातार बढ़ रहा है और दोपहर में घर से निकलना तक मुश्किल हो रहा है, तब मासूम बच्चों को स्कूल भेजने का निर्णय समझ से परे है। आखिर सरकार बताना चाहती है कि यह संवेदनशीलता है या सिर्फ दिखावा? क्या वातानुकूलित कमरों में बैठकर निर्णय लेने वाले मंत्री और अधिकारी कभी इस भीषण गर्मी में स्कूल जाने वाले बच्चों की परेशानी को समझ पाएंगे?
सरकार को यह समझना चाहिए कि शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन बच्चों का जीवन और स्वास्थ्य उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। यदि मौसम सामान्य नहीं है तो स्कूल खोलने की इतनी जल्दबाजी क्यों? क्या सरकार बच्चों की सुरक्षा से अधिक अपनी प्रशासनिक औपचारिकताओं की चिंता कर रही है?
भाजपा सरकार को तुरंत इस निर्णय पर पुनर्विचार कर स्कूलों के संचालन की तिथि आगे बढ़ानी चाहिए। जनता यह जानना चाहती है कि आखिर बच्चों की परेशानी को नजरअंदाज कर लिए गए ऐसे फैसले किसके हित में लिए जा रहे हैं। संवेदनशील सरकार का दावा करने वाली भाजपा सरकार को अपने कथन और कर्म के बीच का अंतर जनता को बताना होगा।

Share this article

Show comments
Hide comments

0 Comments

Post a Comment