मेचका गांव में दिखा तेंदुआ, मवेशी का शिकार करते तस्वीर वायरल ग्रामीणों में दहशत का माहौल
धमतरी। धमतरी जिले के सिहावा-नगरी वनांचल क्षेत्र में इन दिनों तेंदुओं की बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। जंगल से लगे गांवों में लगातार मवेशियों पर हमले और वन्यजीवों की मौजूदगी की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच मेचका गांव से एक चौंकाने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें एक विशालकाय तेंदुआ मवेशी का शिकार कर उसे खाते हुए दिखाई दे रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वायरल तस्वीर मेचका गांव के आसपास की बताई जा रही है। तस्वीर में तेंदुआ बेहद खतरनाक और आक्रामक नजर आ रहा है, जिसे देखकर ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त हो गया है। हालांकि इस वायरल फोटो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक वन विभाग द्वारा नहीं की गई है, लेकिन तस्वीर के सामने आने के बाद क्षेत्र में दहशत और बढ़ गई है।
गौरतलब है कि नगरी एवं सिहावा वनांचल क्षेत्र के अधिकांश गांव घने जंगलों, पहाड़ियों और वन क्षेत्रों से घिरे हुए हैं। यह इलाका तेंदुआ, भालू समेत कई वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास माना जाता है। भोजन और पानी की तलाश में वन्यप्राणी अक्सर जंगल से निकलकर गांवों की ओर पहुंच जाते हैं, जिसके कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में तेंदुए द्वारा कई गायों, बछड़ों, बकरियों और अन्य पालतू पशुओं का शिकार किया जा चुका है। शाम ढलते ही लोगों में भय का माहौल बन जाता है और कई ग्रामीण अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर बांधने को मजबूर हैं।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व बिरगुड़ी वन परिक्षेत्र के कोरमुड़ गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई थी, जहां शौच के लिए पहाड़ी क्षेत्र की ओर गए एक ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। इस हमले में ग्रामीण की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तेंदुए के प्रति डर और सतर्कता और अधिक बढ़ गई है।
लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि शाम और रात के समय अकेले जंगल, पहाड़ी अथवा सुनसान क्षेत्रों में न जाएं। साथ ही किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
वायरल तस्वीर और लगातार बढ़ती घटनाओं ने एक बार फिर वन्यजीवों और मानव बस्तियों के बीच बढ़ते संघर्ष को उजागर कर दिया है। अब ग्रामीण वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, गश्त तेज करने तथा तेंदुए की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी बड़ी जनहानि या अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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