कबीर के संदेशों से समाज में आई समरसता की लहर: तिल्दा नेवरा में धूमधाम से मना कबीर प्राकट्य उत्सव, पार्षद रानी सौरभ जैन रहीं शामिल

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 गोवर्धन यदु

*तिल्दा-नेवरा 

 संत शिरोमणि सद्गुरु कबीर साहेब के प्राकट्य दिवस के पावन अवसर पर मंगलवार, 17 जून 2026 को तिल्दा नेवरा में 'सद्गुरु कबीर प्राकट्य उत्सव' श्रद्धा और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। *श्री सद्गुरु कबीर सत्संग सेवा समिति (S.K.D.V. मिशन)* के तत्वावधान में आश्रय स्थल बस स्टैंड, दीनदयाल उपाध्याय चौक के पास आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं और कबीरपंथियों ने भाग लिया।
आयोजक समिति ने बताया कि क्षेत्र की सुख-समृद्धि और सर्वकल्याण की कामना के साथ यह आयोजन हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुआ।

*आध्यात्मिक कार्यक्रमों की रही धूम*
उत्सव की शुरुआत सुबह 10 बजे गुरु महिमा पाठ से हुई। इसके बाद संतों और स्थानीय गायकों द्वारा मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'सत्संग कीर्तन' रहा, जहाँ कबीर साहेब के साखियों और सबदों के माध्यम से उनके सामाजिक समरसता और भाईचारे के संदेशों पर प्रकाश डाला गया। उपस्थित जनसमूह कबीर वाणी सुनकर भाव-विभोर हो उठा।

*पार्षद रानी सौरभ जैन ने दिया एकता का संदेश*
इस अवसर पर वार्ड पार्षद एवं महिला मोर्चा अध्यक्ष *रानी सौरभ जैन* विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा, "सद्गुरु कबीर साहेब ने हमें आडंबर छोड़कर सच्चे मानव धर्म का मार्ग दिखाया। उनके दोहे आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। आज के कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ ने साबित कर दिया कि कबीर के विचार समाज में फैली कुरीतियों को दूर कर समरसता लाने का सबसे बड़ा माध्यम हैं। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं और नई पीढ़ी को सही दिशा देते हैं।"

*हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद*
भीषण गर्मी को देखते हुए समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शीतल शरबत वितरण की विशेष व्यवस्था की गई थी। सत्संग की समाप्ति पर सभी भक्तों के लिए भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ।

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