ग्राम कच्चे में धर्मांतरण के मुद्दे पर सर्वसमाज की बैठक, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक संरक्षण पर हुआ मंथन
भानुप्रतापपुर। भानुप्रतापपुर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम कच्चे में धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर सर्वसमाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र में कथित रूप से हो रही धर्मांतरण गतिविधियों पर चिंता व्यक्त करते हुए सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में उपस्थित समाज प्रमुखों एवं ग्रामीणों ने कहा कि गांव की सामाजिक समरसता, पारंपरिक संस्कृति और आपसी भाईचारे को बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वर्तमान में ईसाई धर्म का पालन कर रहे स्थानीय लोगों से शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संवाद स्थापित किया जाएगा। उन्हें गांव की सामाजिक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से अवगत कराते हुए अपने पूर्वजों की परंपराओं एवं मूल धार्मिक आस्थाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी प्रकार का निर्णय आपसी संवाद, समझाइश और सामाजिक सद्भाव को प्राथमिकता देते हुए लिया जाना चाहिए। साथ ही ग्रामीणों से गांव की एकता और भाईचारे को मजबूत बनाए रखने की अपील की गई।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि ग्राम की परंपराओं, रीति-रिवाजों एवं सामाजिक व्यवस्था का सम्मान बनाए रखने के लिए सभी समाजों को मिलकर कार्य करना होगा। उपस्थित लोगों ने कहा कि गांव की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं तथा इस दिशा में सभी समाजों को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए।
बैठक में क्षेत्र के विभिन्न समाजों, समितियों एवं ग्राम प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इसमें प्रमुख रूप से गोंडवाना समाज ब्लॉक अध्यक्ष हरिश्चंद्र कावड़े, रतन कावड़े, सहदेव पद्दा, ग्राम कच्चे की सरपंच कांति हिड़को, साल्हे सरपंच संतोष पद्दा, परेकोड़ो सरपंच प्रतिनिधि सुनाऊ गावड़े, पिछड़ा वर्ग समाज ब्लॉक अध्यक्ष ज्वाला प्रसाद जैन, सर्व आदिवासी समाज ग्राम अध्यक्ष संतोष भुआर्य, शीतला समिति अध्यक्ष कैलास सिंह नेताम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं समाज प्रमुख उपस्थित रहे।
इसके अलावा ग्राम के वरिष्ठ जन एवं प्रमुख नागरिकों में ग्राम पटेल चंद्रमन भुआर्य, सोमजी पटेल, नरोत्तम मरकाम, जीवराखन सलाम, देवलाल नेताम, श्यामसाय सलाम, धनराज यादव, हरिश्चंद्र महतो, छगन देवांगन, नेतराम साहू तथा मुकेश कौड़ो सहित अन्य ग्रामीण भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने गांव की संस्कृति, परंपराओं, सामाजिक एकता एवं भाईचारे को बनाए रखने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि आपसी सहयोग, संवाद और सामाजिक सद्भाव के माध्यम से गांव के विकास एवं सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

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