छत्तौद के शास.आयुर्वेदिक आयुष्मान आरोग्य मे डॉ पुरुषोत्तम सागर के अच्छे अनुभव व सेवा भाव से अंचल भर मे ख्याति प्राप्त है।

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गोवर्धन यदु तिल्दा नेवरा
 
डा. पुरूषोत्तम सागर शास . औषधालय छत्तौद के नाम से ही दुरदराज से लोग यहां इलाज के लिए आ रहे है ।

तिल्दा नेवरा / रायपुर : छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर के क्षेत्र विकासखंड तिल्दा नेवरा के समीपस्थ आयुर्वेद ग्राम पंचायत छत्तौद के शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय जिसे वर्तमान समय मे आयुर्वेदिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र नाम से जाना जाता है। आयुर्वेद ग्राम पंचायत छत्तौद क्षेत्र में ही नही अपितु पुरे दुरदराज मे भी अच्छी चिकित्सा व सेवा से चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्राम पंचायत छत्तौद मे यहां के आयुर्वेदिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र में जब से डां. प्रमोद सागर जी आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष), छतौद, विकासखंड तिल्दा जिला रायपुर छ ग के रूप में पदभार संभाले हुए हैं। तब से यह ग्राम पंचायत छत्तौद अच्छी चिकित्सा व सेवाभावो, सरल सहज व्यवहारों से दुर दुर तक जाना जाता है। जिसके चलते लोग दुर दुर तक इलाज से निराश हो करके यहां आकर इलाज करा रहे हैं। 

ग्रामीणों का कहना है आयुर्वेद ग्राम व डा. पुरूषोत्तम सागर हमारा सौभाग्य : 

गौरतलब हो कि यहां के ग्रामीणों का कहना है कि डां.पुरूषोत्तम सागर जी हम ग्रामीणों के लिए सौभाग्य की बात है कि अयसे कुशल, अनुभवी व सेवाभावी, सरल सहज व्यक्तित्व के धनी डां. मीला है। जिसके इलाज से हम ग्रामीण ही नही बहुत से दुरंचल से लोग आयुर्वेद पद्धति से लोग इलाज करा कर स्वस्थ्य लाभ ले रहे हैं। डां. पुरूषोत्तम सागर जी के अच्छे इलाज के चलते ही हमारा ग्राम प्रसिद्ध है। आगे ग्रामीणों का कहना है कि जहां वर्तमान समय में अंग्रेजी डां.दवाईयो का प्रचलन व बडे बडे देंशी विदेशी डांक्टरो का प्रचलन है। जिसके इलाज व दवाओं से लोग बडी व गंभीर बिमारीयो से लाईलाज हो रहे हैं। वही खर्चे करके थक चुके हैं। इनके लिए बडी आशा का किरण साबित हो रहा है। अयसे मे वर्तमान समय में आयुर्वेद लोगो को अच्छी व नि: शुल्क चिकित्सा लाभ प्रदान कर रही है। 

सरकार दवाई व सुविधा उपलब्ध करा रही हम तो सेवक है : डां. प्रमोद सागर 

ज्ञात हो कि अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सा मे छत्तौद के औषधालय मे चिकित्सा अधिकारी के रूप में डां. पुरूषोत्तम सागर बहुत चर्चा में है। इस पर डा. प्रमोद सागर जी का विचार जाना गया। तो उनका यह वक्तव्य आया कि हमे सरकार के द्वारा अच्छी शिक्षा, प्रशिक्षण दिया गया है। वही सरकार इस आधुनिकीकरण मे जहां अंग्रेजी डां. व दवाओं का बोलबाला है। अयसे समय मे भी सरकार के द्वारा आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति मे निरंतर सुधार व सरलता ला रही है। वही सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार के द्वारा निरंतर दवाईयों की आपुर्ति की जा रही है। जिसके चलते हर बिमारी का इलाज संभव हो रहा है। 
आगे डां. पुरूषोत्तम सागर जी ने कहा है कि महत्वपूर्ण बात यह भी है कि यदि हम अपने अनुभवों, के साथ व्यवहारों व समयो का सही से सदुपयोग करे। तो इलाज करने मे और भी बहुत कुछ अच्छा प्रभाव पड़ता है। यही चीजे है। जिनसे हमारे पास जो भी मरीज आरहे है। उनका हम सेवाओं के रूप मे जो बन रहा है। उसके आधार पर इलाज कर रहे हैं। अब लोगो को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से ही स्वास्थ्य लाभ मील रहा है। तो इसका श्रेय आयुर्वेद पद्धति एवं इसको संचालित करने वाले छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग की है। हम तो माध्यम मात्र है। पर हां यदि हमारे इलाज से लोगो को लाभ हो रहा है। तो हमे भी खुशी व अच्छा लगता है। 


बडी बात है कि यहां महिला डां.प्रतिभा रानी ठाकुर भी उपलब्ध है 

अवगत यह भी हो कि शासकीय प्राथमिक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र छत्तौद मे वर्तमान समय में महिला चिकित्सक भी उपलब्ध रहती है। यहां पुरूष चिकित्सा के रूप मे पहले से ही 
डॉ पुरुषोत्तम सागर
आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष), छतौद, विकासखंड तिल्दा जिला रायपुर छ ग के साथ मे ही, डॉ प्रतिभा रानी ठाकुर जी है। जो आयुष चिकित्सक आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष), छतौद, विकासखंड तिल्दा जिला रायपुर छ ग के रूप मे पदस्थ है। 
वे भी अपनी कुशल अनुभव से महिलाओं की इलाज कर रही है। इस प्रकार सरकार आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से लोगो को स्वस्थ्य व सरल निशुल्क सविधा प्रदान करती आरही है। यही कारण है कि इसका प्रभाव जनता पर पड रही है। जिसके चलते लोग अब आयुर्वेद पर भरोसा जता रहे हैं। लेकिन यह बात को नाकारा नहीं जा सकता है कि यदि डा. अपने  कुशलता का परिचय नही देता। या फिर अपने जिम्मेदारी का निर्वहन नही कर्ता है। तब तक यह अपने अस्तित्व मे नही आता है। इस प्रकार डा. प्रमोद सागर जैसे ही डांक्टरो का योगदान व भूमिका महत्वपूर्ण होता है।

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