शासन से निराश ग्रामीणों ने दिखाई मिसाल, श्रमदान कर प्राथमिक विद्यालय की बनाई बाउंड्रीवाल
*हर घर से मिला एक-एक हाथ, आमापारा सिवनी के ग्रामीणों ने श्रमदान से सुरक्षित किया स्कूल परिसर*
*TOP NEWS छत्तीसगढ़ जिला उत्तर बस्तर कांकेर ग्रामीण से संतोष बाजपेयी की रिपोर्ट*
*भानुप्रतापपुर*
विकासखंड दुर्गूकोंदल अंतर्गत ग्राम पंचायत सिवनी के आश्रित ग्राम आमापारा सिवनी में ग्रामीणों ने सामूहिक श्रमदान कर जनसहभागिता की अनूठी मिसाल पेश की है। वर्षों से प्राथमिक शाला में बाउंड्रीवाल नहीं होने के कारण बच्चों की सुरक्षा और विद्यालय की व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। शासन-प्रशासन से कई बार मांग करने के बावजूद जब कोई पहल नहीं हुई, तब ग्रामीणों ने स्वयं आगे बढ़कर बांस और खंभों की सहायता से विद्यालय की अस्थायी बाउंड्रीवाल तैयार कर दी।
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय परिसर खुला होने के कारण सूअर, गाय, बैल, भैंस, बकरी तथा कुत्ते जैसे आवारा पशु स्कूल परिसर में प्रवेश कर जाते थे। इससे विद्यालय की स्वच्छता प्रभावित होती थी और पढ़ाई के दौरान बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई बार छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती थी। इसी समस्या के समाधान के लिए गांव के प्रत्येक घर से एक सदस्य ने श्रमदान कर विद्यालय परिसर की घेराबंदी का कार्य पूरा किया।
शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की अध्यक्ष सुनीता मतलमी ने बताया कि विद्यालय में पक्की बाउंड्रीवाल निर्माण की मांग कई वर्षों से लगातार की जा रही है। इस संबंध में सरपंच, विधायक, सांसद, जनदर्शन, ग्राम स्वराज अभियान, जनसमस्या निवारण शिविर तथा बस्तर मुन्नै जैसे विभिन्न कार्यक्रमों में भी आवेदन और मांग पत्र दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अंततः बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर यह कार्य पूरा किया।
उन्होंने कहा कि यह अस्थायी व्यवस्था है। विद्यालय की सुरक्षा और स्थायी समाधान के लिए शासन द्वारा शीघ्र पक्की बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाना आवश्यक है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के बेहतर वातावरण के लिए विद्यालय में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
श्रमदान अभियान में रेखालाल विश्वकर्मा, सनऊ राम मंडावी, मनकेर मतलामी, प्रभुराम मंडावी, परदेशी राम मंडावी, नंदलाल उसेंडी, अर्जुन कोमरा, आशीष कुमार, सन्नू राम मतलमी, झुमुक लाल, लक्ष्मण उइके, परसू राम, मनेसिंह मंडावी, बैजनाथ मंडावी, मनीष मंडावी, हेमचंद यादव, श्रवण मंडावी, मनीष कोमरा, अक्षय कुमार उइके, सरस्वती मंडावी, चैती बाई मंडावी, मुंगारू बाई मंडावी एवं उषा उसेंडी सहित गांव के अनेक महिला-पुरुषों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि प्राथमिक शाला आमापारा सिवनी में शीघ्र पक्की बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

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