पुत्री के विवाह की खुशी नन्हे बच्चों संग बांटी, पारख परिवार ने कराया आंगनबाड़ी में न्योता भोज
*सामाजिक सेवा की अनूठी मिसाल: पारख परिवार ने 40 आंगनबाड़ी बच्चों को कराया स्नेहभोज*
*खुशियों को दिया सेवा का रूप, विवाह उपरांत पारख परिवार ने नन्हे बच्चों के साथ मनाई खुशी*
*TOP NEWS छत्तीसगढ़ जिला उत्तर बस्तर कांकेर ग्रामीण से संतोष बाजपेयी की रिपोर्ट*
*भानुप्रतापपुर*
दुर्गूकोंदल के प्रतिष्ठित पारख परिवार ने अपनी सुपुत्री साक्षी पारख के विवाह उपरांत सामाजिक सरोकार का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करते हुए स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1 के लगभग 40 नन्हे बच्चों के लिए न्योता भोज का आयोजन किया। इस अनूठी पहल का उद्देश्य पारिवारिक खुशियों को समाज के नौनिहालों के साथ साझा करना तथा सेवा और अपनत्व की भावना को बढ़ावा देना था।
आयोजित न्योता भोज में आंगनबाड़ी के बच्चों को प्रेमपूर्वक स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन परोसा गया। बच्चों ने बड़े उत्साह और आनंद के साथ भोजन किया। आयोजन के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। पारख परिवार के इस सराहनीय कार्य की उपस्थित लोगों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।
इस अवसर पर विनोद पारख एवं आरती पारख ने बताया कि उनकी पुत्री साक्षी पारख के विवाह की खुशी को केवल परिवार तक सीमित न रखकर समाज के नन्हे बच्चों के साथ साझा करने की भावना से इस न्योता भोज का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देखना उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। भविष्य में भी परिवार सामाजिक सेवा के ऐसे कार्यों में अपनी सहभागिता निभाता रहेगा।
आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ताओं ने भी पारख परिवार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं। इससे बच्चों में अपनापन और खुशी का वातावरण बनता है तथा समाज में सकारात्मक संदेश जाता है।कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कौशिल्या दुग्गा, ओमलता सोनी, जमुना जैन, सहायिका प्रियंका नरेटी, गोदावरी कोरेटी सहित अनेक ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने पारख परिवार को इस नेक कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि सामाजिक अवसरों पर जरूरतमंद एवं नन्हे बच्चों के साथ खुशियां साझा करना अनुकरणीय पहल है।
क्षेत्रवासियों ने कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज में प्रेम, सहयोग, समरसता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करते हैं। पारख परिवार की यह पहल निश्चित रूप से अन्य लोगों को भी सामाजिक अवसरों पर जरूरतमंदों के साथ खुशियां साझा करने के लिए प्रेरित करेगी।

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