*विश्व आदिवासी दिवस पर बिलाडी में गूंजा जनजातीय संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का संदेश गोवर्धन यदु*
गोवर्धन यदु
तिल्दा। तिल्दा समीपस्थ ग्राम पंचायत बिलाडी में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में पूर्व जिला महामंत्री अनिल अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं, प्रकृति संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया गया।
मुख्य अतिथि अनिल अग्रवाल ने कहा कि जनजातीय समाज केवल प्रकृति का रक्षक नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का सबसे प्राचीन और जीवंत स्वरूप है। उन्होंने कहा कि सदियों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते हुए जनजातीय समाज ने प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने का कार्य किया है।
समाज सेवी जिला पंचायत सभापति प्रतिनिधि महेंद्र साहू ने कहा कि आज जब पूरी दुनिया पर्यावरण संकट और असंतुलित विकास की चुनौतियों से जूझ रही है, तब जनजातीय जीवन दर्शन मानवता को टिकाऊ और प्रकृति-सम्मत विकास का रास्ता दिखा सकता है। जनजातीय समाज सदियों से प्रकृति के साथ सहअस्तित्व और संतुलन का जीवन जीता आया है तथा उनकी संस्कृति और परंपराएं भारत की अमूल्य धरोहर हैं।।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक जनजातीय समाज का योगदान अतुलनीय रहा है।
कार्यक्रम में सरपंच दुलोरिन गोर सिंह ध्रुव, मनोज निषाद मंडल अध्यक्ष भाजपा,जनपद सदस्य उत्तरा राम जी निषाद, फिरोज पोर्ते, घनश्याम जांगड़े सहित समस्त आदिवासी समाज एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विश्व आदिवासी दिवस के महत्व और जनजातीय समाज की संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण को लेकर विचार साझा किए गए।

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