छुरा पुलिस टीम पर ग्रामीणों का हमला, लाठी-डंडों से मारपीट कर पुलिसकर्मियों को बनाया बंधक
गरियाबंद। गरियाबंद जिले के छुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कांदागढ़ी के आश्रित ग्राम डोंगरीपाली में अवैध महुआ शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची साइबर सेल एवं पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने कथित रूप से लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना में पुलिसकर्मी और दो स्वतंत्र गवाह घायल हुए हैं। पुलिस का आरोप है कि ग्रामीणों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए पुलिस दल के साथ मारपीट की, उन्हें कुछ समय तक बंधक बनाया तथा जब्त की गई महुआ शराब भी छीनकर फेंक दी। मामले में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर साइबर सेल गरियाबंद की टीम प्रधान आरक्षक (सउनि.) यदुराज ठाकुर के नेतृत्व में जुर्म-जरायम की पतासाजी के लिए निकली थी। टीम में आरक्षक ज्ञानदास महंत, चनेश्वर नागेश, राज कंवर, भागवत विश्वकर्मा एवं देवेंद्र सोनवानी शामिल थे। टीम ने छुरा थाना पहुंचकर स्थानीय पुलिस बल को साथ लिया, जिसमें प्रधान आरक्षक दुकेश्वर साहू, महिला आरक्षक भारती साहू तथा दो स्वतंत्र गवाह भी शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, टीम ने सादे कपड़ों में कार्रवाई करते हुए सुमित्रा नेताम के घर पहुंचकर महुआ शराब बिक्री की पुष्टि के लिए एक आरक्षक को ग्राहक बनाकर भेजा। आरक्षक ने 200 रुपये देकर लगभग एक लीटर हाथ भट्टी से बनी कच्ची महुआ शराब खरीदी। शराब बिक्री की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम ने नियमानुसार कार्रवाई शुरू की।
इसी दौरान, पुलिस का आरोप है कि सुमित्रा नेताम ने अपने बेटे तथा पड़ोसी चुनेश्वर मरकाम सहित अन्य ग्रामीणों को बुला लिया। इसके बाद सभी लाठी-डंडों से लैस होकर मौके पर पहुंचे और पुलिस दल व स्वतंत्र गवाहों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। पुलिस का यह भी आरोप है कि ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेरकर जान से मारने की धमकी दी और कहा कि "आज गांव से तुम लोगों को जिंदा नहीं जाने देंगे।" इस दौरान जब्त की गई महुआ शराब भी पुलिसकर्मियों से छीनकर फेंक दी गई।
हमले में सउनि. यदुराज ठाकुर की बाईं आंख, पीठ और कंधे में चोटें आईं, जबकि आरक्षक ज्ञानदास महंत के सिर, गर्दन, गला, कान और गाल पर चोटें आई हैं। घटना के दौरान मौजूद दोनों स्वतंत्र गवाहों के साथ भी मारपीट किए जाने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद सउनि. यदुराज ठाकुर की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, शासकीय कर्मचारियों से मारपीट, जान से मारने की धमकी, बंधक बनाने सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों की तलाश जारी है और मामले की जांच की जा रही है।

0 Comments
एक टिप्पणी भेजें