वाटरएड इंडिया द्वारा अपशिष्ट जल प्रबंधन प्रक्रिया दिखाने कराया गया एक्सपोजर विजिट
कांकेर:- वाटर एड इंडिया द्वारा एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम सभी पंचायत प्रतिनिधि के सहयोग और सक्रिय सहभागिता से बेहद सफल बनाया गया । विजिट के दौरान अपशिष्ट जल प्रबंधन और वर्षा जल संचयन के विभिन्न तरीकों को विभिन्न पंचायत ने जाना समझा और देखा उदाहरण के तौर पर वर्षा जल संचयन हेतु कौन क्यों सी पद्धति को अपनाकर जल स्तर बढ़ा सकते है को पलेवा आश्रम शाला में दिखाया गया । इंजेक्शन वेल, सोक पीट, मैजिक पीट, एवम अपशिष्ट जल/ ब्लैक वाटर प्रबंधन (किचन, बाथरूम एवं शौचालय) के जल प्रबंधन हेतु तीन स्तरीय फिल्टर टैंक के माध्यम से जल का किचन गार्डन और बागवानी में उपयोग करना कैसे संभव है साथ ही साथ गांव की नालियों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को तकनीकी रूप से फिल्टर करके खेतों में प्रवाहित करके किस तरह से अपशिष्ट जल का प्रबंधन किया जा सकता है समस्त जन प्रतिनिधियों के द्वारा देखा गया ।
गांव की नालियों से निकलने वाले अपशिष्ट जल और ब्लैक वाटर को तकनीकी रूप से फिल्टर करके तालाब में प्रवाहित कर किस तरह से रोजगार उन्मुख परक्रिया अपनाई जा सकती है जिससे वहां मछली पालन एवम खेतों में किया जा सके को मतवाडा मोदी के ग्राम पंचायत ने दिखाया । आज के इस एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य घरों में उपयोग होने के पश्चात् निकलने वाले अपशिष्ट जल के प्रबंधन और वर्षा जल को कैसे सुरक्षित निपटान करते हुए, उसे अन्य उपयोग या धरती के जल स्तर को बढ़ाने हेतु संरचना तैयार किया जा सके इस प्रक्रिया को जाना और देखा, ताकि हमें भविष्य में किसी भी तरह के जल संकट एवं बीमारियों का सामना न करना पड़े ।
साथ ही सभी अपने- अपने घरों, समुदायों और पंचायतों में इस तरह की संरचना बनाकर जल का प्रबंधन कर सकें। माटवाड़ा मोदी के पंचायत सदस्य और महिला दीदीयों द्वारा बहुत अच्छे से स्वागत किया गया । पलेवा आश्रमशाला के सभी स्टाफ और बच्चों का समस्त पंचायत माकड़ी सिंगराय पंचायत, इच्छापुर, हल्बा, तारसगांव, रानीडोंगरी, डूमरपानी और डुमाली के सदस्यों का आभार जिनकी सक्रिय सहभागिता से आज का अपशिष्ट जल प्रबंधन भ्रमण कार्यक्रम सफल हो सका। कार्यक्रम को स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से भी सहयोग प्राप्त हुआ ।




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