जिले में सामुदायिक भवन निर्माण, छात्रावास सीट वृद्धि और 90 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास

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*TOP NEWS छत्तीसगढ़ भानुप्रतापपुर से संतोष बाजपेयी की रिपोर्ट*


*भानुप्रतापपुर*

प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शुक्रवार को भानुप्रतापपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के 13वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। आगमन पर मुख्यमंत्री का जिले के जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया।

भानुप्रतापपुर हेलीपैड पर सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री विक्रम उसेंडी एवं श्री आशाराम नेताम, पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री अमित तुकाराम कांबले, कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती इंदिरा कल्याण एलेसेला, जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भानुप्रतापपुर हायर सेकंडरी स्कूल मैदान में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग समाज के विकास और अधिकारों की रक्षा के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग को संविधानिक अधिकार प्रदान करने के साथ ही उनके उत्थान के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले के प्रत्येक विकासखंड में 50-50 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण एवं पोस्ट मेट्रिक छात्रावासों में ओबीसी छात्रों की सीटें बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि “सरकार पिछड़े वर्ग के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और अवसर प्रदान करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।”

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर 90 करोड़ 06 लाख 88 हजार रुपए की लागत से 26 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 56 करोड़ 51 लाख 40 हजार रुपए के 14 कार्यों का शिलान्यास और 33 करोड़ 55 लाख 48 हजार रुपए के 12 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। उन्होंने कहा कि यह कार्य प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा देंगे।

अपने संबोधन में श्री साय ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर अग्रसर है, जो प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि शासन की नीतियों से प्रभावित होकर जगदलपुर में 210 नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे, जिनके पास से 153 हथियार जमा कराए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि “मोदी की गारंटी” को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने पिछले 22 महीनों में अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं — जिनमें तेंदूपत्ता मूल्यवृद्धि, धान की खरीदी ₹3100 प्रति क्विंटल, रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना जैसी योजनाएँ शामिल हैं।

समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने भी भाग लिया। उप मुख्यमंत्री साव ने समाजजनों से संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया, वहीं वित्त मंत्री चौधरी ने पिछड़ा वर्ग समाज को “मेहनतकश और प्रगतिशील वर्ग” बताते हुए बच्चों की शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर बल दिया। उन्होंने जिले में संचालित ‘मावा मोदोल कोचिंग संस्था’ की सराहना करते हुए युवाओं को इसका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने ओबीसी वर्ग के तीन मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक विक्रम उसेंडी, सावित्री मंडावी, आशाराम नेताम, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद, मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष भरत मटियारा, हस्तशिल्प बोर्ड अध्यक्ष शालिनी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, नगरपालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक, नगर पंचायत अध्यक्ष निखिल सिंह राठौर, डीआईजी अमित तुकाराम कांबले, कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर, एसएसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला, एडीएम एएस पैकरा, सीईओ हरेश मंडावी, एसडीएम जीडी वाहिले, पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा, सुमित्रा मारकोले, जगन्नाथ साहू, प्रभाकर सोनी, रितेश मानिकपुरी,अरविंद जैन, मनीष टेम्पा योगी, हरेश चक्रधारी, गोलू गजेन्द्र,सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।

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