चोकावाडा चर्च तोड़ने के विरुद्ध हुवा जगदलपुर मे धरना प्रदर्शन, धार्मिक आस्था का रखें ख़याल प्रशासन,बने रहे इलाका मे शांति का किये निवेदन,जगदलपुर तहसीलदार को दिए कलेक्टर बस्तर के नाम ज्ञापन - नरेन्द्र भवानी /संस्थापक छत्तीसगढ़ युवा मंच
*चोकावाडा चर्च तोड़ने के पक्ष मे किया गया झूठा शिकायत पर जिला प्रशासन की कार्यवाही से नाराज किया धरना प्रदर्शन, बस्तर कलेक्टर के नाम सौंपे जगदलपुर तहसीलदार को ज्ञापन, किये निवेदन धार्मिक आस्था को ना पहुंचे ठेस इसका रखें प्रशासन ख्याल - नरेन्द्र भवानी /संस्थापक छत्तीसगढ़ युवा मंच*
*मामले मे छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी नें बयान जारी कर बताया की पूर्व मे ग्राम चोकावाडा मे बन रहे चर्च को तोड़ने की शिकायत उक्त संगठन के लोगो नें किया आरोप लगाया अतिक्रमण करके बन रहा चर्च, पंचायत का नहीं एन ओ सी, हो रहा अवैध निर्माण, जबकि धरना करके हमें बताना पड़ा की यह चर्च कई वर्षो से काबिज भूमि पर बन रहा है, पहले छोटा सा पुराना झोपडी था जहाँ प्रार्थना होता रहा है जिसके बाद सब नें मिलकर एक अच्छा भवन निर्माण किये है कोई जमीन अतिक्रमण करके नहीं किया गया और तो ग्राम पंचायत का एन ओ सी भी इस निर्माण को प्राप्त है कुल मिलाकर लगाए जो सभी आरोप झूठ है, जिसके संबध मे धरना प्रदर्शन कर जिला बस्तर कलेक्टर के नाम जगदलपुर तहसीलदार को सौंपा गया ज्ञापन और निवेदन करते हुवे कहा गया की धार्मिक आस्था का जिला प्रशासन रखें ख्याल, किसी की भी धार्मिक आस्था का सम्मान होना चाहिए नहीं तो जबरन मजबूरन बड़ी भीड़ मे सड़को पर आंदोलन करने मे मजबूर होना पड़ेगा सम्बंधित अधिकारी नें मामले पर आश्वाशन दिया गया समस्या का समाधान पर*
*वही धरना मे उपस्थित मसीही युवा परिषद के जिला अध्यक्ष जॉन नाथ नें भी बयाना मे कहा है की एक दिन की शिकायत मे सरकारी अमला का इतना तत्काल कार्यवाही मामले मे प्रश्न उत्पन्न करता है की सच मे विभाग इतना सक्रिय है कार्यवाही के नाम पर या राजनीति से प्रेरित किसी एक समुदाय के लोगो को ऐसा परेशान किया जा रहा है जैसे ईसाई समुदाय कोई आतंकी संगठन हो बेहद दुःखद विषय है, कभी चर्च तोड़ने का प्रयास, तो कहीं गांवो मे सभाओ पर रोक जैसा कृत्य पर जोर, तो कहीं फसलों की लूट, मार पिट, जमीनों पर कब्ज़ा यह सब आम बात जैसा हो गया आखिरकार क्या भाजपा के राज मे ईसाई मुक्त बस्तर चाहिए क्या आखिर यह सब कृत्य कब तक होता रहेगा, इलाका मे संविधान का राज चले और सम्बंधित अधिकारी यह संविधान का परिपालन नहीं करा सकते तो नया नियम फरमान ही जारी करवा दें कम से कम पूरा राज इन्ही का हो, आगे भी हम सम्मान हक़ की आंदोलन करते रहेंगे चाहे कुछ भी क़ीमत चुकानी पड़े*



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