रसोली ग्राम के ग्रामीणों ने अपनी वर्षों पुरानी सड़क समस्या का स्वयं समाधान स्वयं खोज लिया है।
*TOP NEWS छत्तीसगढ़ भानुप्रतापपुर से संतोष बाजपेयी की रिपोर्ट*
*भानुप्रतापपुर*
भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र से निकलकर आ रही है, की शासन-प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब सड़क निर्माण की दिशा में कोई पहल नहीं हुई, तो ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयासों से आगे बढ़कर प्रत्येक घर से 2,000 रुपये चंदा इकट्ठा किया। ग्राम समिति में जमा की गई इस राशि से ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन लगाकर ग्रामीण स्वयं सड़क निर्माण कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि रसोली गांव से हर साल करोड़ों रुपये की बांस और लकड़ी का परिवहन होता है, जिसे वन विभाग ले जाता है, लेकिन ग्राम विकास के लिए एक रुपये तक का सहयोग नहीं मिलता। उन्होंने यह भी कहा कि गांव की सीमा में नवभारत और बीएसपी माइंस संचालित हैं, फिर भी किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता अब तक नहीं मिली है।
सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों में लंबे समय से नाराजगी थी, क्योंकि बरसात और अन्य मौसम में आवागमन बेहद कठिन हो जाता था। समाधान के अभाव में ग्रामीणों ने स्वयं पहल कर सड़क को आवागमन योग्य बनाने का निर्णय लिया है।
ग्रामीणों का कहना है ,कि यह प्रयास जरूरत का नहीं, मजबूरी का कदम है—
*जब कोई हमारी सुनवाई नहीं कर रहा, तब गांव के लोग ही मिलकर अपना रास्ता बना रहे हैं।*
रसोली ग्राम की यह पहल आत्मनिर्भरता और सामुदायिक एकजुटता का उदाहरण बन गई है।


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