कक्षा प्रबंधन में दूरदर्शिता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की भूमिका पर प्रशिक्षण
कांकेर। पैराडाइज सी.बी.एस.ई. हायर सेकेंडरी स्कूल में आज दिनांक 11 नवम्बर 2025 को सी.बी.एस.ई. रिसोर्स पर्सन शिखा चौधरी द्वारा शिक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का विषय था — “कक्षा प्रबंधन में दूरदर्शिता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की भूमिका”।
शिखा चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “कक्षा प्रबंधन किसी भी शिक्षक का सबसे महत्वपूर्ण कौशल है। एक प्रशिक्षित शिक्षक न केवल अनुशासन बनाए रखता है बल्कि विद्यार्थियों के लिए सीखने का अनुकूल वातावरण भी तैयार करता है।”
उन्होंने कहा कि एक सफल शिक्षक वही होता है जो दूरदर्शिता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण दोनों को अपनाकर कक्षा संचालन करता है।
उन्होंने बताया कि दूरदर्शिता का अर्थ है स्थिति को पहले से पहचानने और समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता। शिक्षक को विद्यार्थियों की मानसिकता, रुचियों और समस्याओं को समझकर योजनाबद्ध रूप से कार्य करना चाहिए। वहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अर्थ है — तथ्यों, प्रमाणों और तर्क के आधार पर निर्णय लेना। शिक्षक को कक्षा में प्रयोगात्मक, अवलोकनात्मक और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया गया।
श्रीमती चौधरी ने यह भी बताया कि बच्चों को दिए जाने वाले गृहकार्य, प्रोजेक्ट और मॉडल को कैसे अधिक उपयोगी और रोचक बनाया जा सकता है। उनके प्रेरक विचारों से शिक्षकों को नई ऊर्जा और दिशा प्राप्त हुई।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पैराडाइज हायर सेकेंडरी स्कूल एवं ऑक्सफोर्ड पब्लिकेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में प्राचार्य रश्मि रजक, उप प्राचार्य डॉ. श्रेष्ठिता चंदा, कोऑर्डिनेटर सुनील कुमार पंडा, अनिल कुमार ढाके, एम. भुवनेश्वरी, ऐश्वर्या साहू के मार्गदर्शन में आयोजन संपन्न हुआ।
इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक प्रीति झा, रूबी खान, दीपांजली गोगोई, वर्षा रामानी, मेघा सेवा, एस. मर्सी, भारती सेठिया, कृष्णापद कुंभकार, सरिता मिश्रा, संगीता भारती, शांतिलीना नेताम, रचना शर्मा, लक्ष्मीनारायण नामदेव, अपूर्वा ठाकुर, उज्जवल निर्मलकर, टाकेश्वर साहू, शिखा मेहरा, पेंकटेश पटेल, अभिनव सिंह, सुकदेव सरकार, मनीषा साहू, प्रीति सोरी, तारा चंदेल, प्रतीक सिंह ठाकुर, एंजल इलियास, निशा जयसवाल, नंदनी साहू, पूजा खरे, अंजू बारले, अपरसा रॉय सहित सभी शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया।

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