कराकी के कोलांग महोत्सव में सांसद भोजराज नाग हुए शामिल, बुढ़ादेव की सेवा-अर्जी कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना

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कोलांग नृत्य हमारी सांस्कृतिक पहचान, इसे सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी – सांसद भोजराज नाग

कांकेर जिला मुख्यालय के ग्राम दुर्गूकोंदल विकासखंड के ग्राम कराकी में आयोजित पारंपरिक कोलांग महोत्सव में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग विशेष रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर सांसद ने आदिवासी आराध्य बुढ़ादेव की विधिवत सेवा-अर्जी कर क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की


महोत्सव को संबोधित करते हुए सांसद भोजराज नाग ने कहा कि कोलांग नृत्य बस्तर अंचल की प्राचीन लोकसंस्कृति का अभिन्न अंग है। यह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की जीवनशैली, परंपरा, आस्था और सामूहिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली और आधुनिकता के कारण पारंपरिक लोकनृत्य विलुप्ति की ओर बढ़ रहे हैं, ऐसे में इन्हें सहेजना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

महोत्सव के दौरान सांसद भोजराज नाग ने स्वयं ग्रामीणों के साथ पारंपरिक वाद्य यंत्र मादरी बजाई और कोलांग नृत्य में भाग लेकर आदिवासी संस्कृति के प्रति सम्मान प्रकट किया। सांसद को ग्रामीणों के साथ नृत्य करते देख पूरे कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और उल्लास का माहौल बन गया।


इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति देवेंद्र टेकाम, गोंडी धर्माचार्य शेरसिंह आंचला, ग्राम पंचायत कराकी के सरपंच जवाहर ठाकुर, कोलांग महोत्सव समिति अध्यक्ष लल्लूराम पुड़ो, जनप्रतिनिधिगण, सामाजिक पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-मादरी की थाप और कोलांग नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों ने पूरे ग्राम कराकी को उत्सवमय बना दिया। महोत्सव के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने का संदेश दिया गया।

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