दल्ली राजहरा में प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा प्रदर्शनी का भव्य आयोजन
विज्ञान सतत खोज की प्रक्रिया है, इसमें ‘परम सत्य’ जैसा कुछ नहीं : अभिषेक शुक्ला
दल्ली राजहरा।
प्रज्ञानम बहुआयामी संस्था के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर, दल्ली राजहरा में ‘प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा’ प्रदर्शनी का भव्य एवं ज्ञानवर्धक आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न अंचलों से आए विज्ञान संचारकों ने अपने नवाचार, प्रयोग और वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत कर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना का संचार किया।
कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि के रूप में उत्कृष्ट विज्ञान संचार एवं जनजागरण कार्य के लिए बृजलाल मांडवी को ‘विज्ञान संचारक सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें विज्ञान को सरल, रोचक एवं जनसुलभ बनाने में दिए गए उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। सम्मान प्राप्त करते समय उपस्थित छात्र-छात्राओं और अतिथियों ने तालियों के साथ उनका अभिनंदन किया।
प्रयोगों के माध्यम से विकसित हुआ वैज्ञानिक दृष्टिकोण
प्रदर्शनी में 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों को 40 से अधिक सरल वैज्ञानिक प्रयोग दिखाए गए, जिन्हें दैनिक जीवन में उपलब्ध घरेलू वस्तुओं की सहायता से किया जा सकता है।
इसके साथ ही मानव शरीर की संरचना को समझाने के लिए हृदय, फेफड़े, किडनी एवं मस्तिष्क जैसे सजीव अंगों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया गया, जिसने छात्रों में विशेष जिज्ञासा उत्पन्न की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में रटने की प्रवृत्ति को समाप्त कर तार्किक, प्रयोगात्मक और वैज्ञानिक सोच विकसित करना रहा।
विज्ञान जिज्ञासा और प्रश्नों को आमंत्रित करता है
प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा के अध्यक्ष श्री अभिषेक शुक्ला ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि
> “विज्ञान किसी एक निष्कर्ष पर रुक जाने का नाम नहीं है। यह सतत नए अवलोकनों और प्रयोगों के साथ आगे बढ़ता है। विज्ञान कभी किसी बात को ‘परम सत्य’ घोषित नहीं करता, बल्कि वह विद्यार्थियों और समाज को आमंत्रित करता है कि वे प्रश्न करें, प्रयोग करें और नए तथ्यों के माध्यम से ज्ञान को आगे बढ़ाएं।”
गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर विज्ञान संचारक समूह के प्रमुख सदस्य श्री अशोक जंघेल, भुनेश्वर मरकाम, आत्माराम साहू, विद्यामति साहू, क्षमा उईके, नीलिमा गौतम, बोधन सोनकर सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने न केवल विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाई, बल्कि बृजलाल मांडवी जैसे समर्पित विज्ञान संचारकों के सम्मान के माध्यम से समाज में वैज्ञानिक चेतना को सशक्त करने का संदेश भी दिया।



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