कांकेर में सरपंचों का हल्लाबोल, कलेक्ट्रेट का किया घेराव, 18 गांवों के सरपंचों ने प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा।
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एंकर:- छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ जनप्रतिनिधियों के सम्मान को लेकर अब रार छिड़ गई है। अंतागढ़ विधानसभा के कोयलीबेड़ा इलाके के करीब 18 गांवों के सरपंचों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मामला मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से जुड़ा है, जहाँ सरपंचों को दरकिनार किए जाने का आरोप लगा है। कांकेर में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब कोयलीबेड़ा क्षेत्र के 18 पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में वार्ड पंच कलेक्ट्रेट दफ्तर जा धमके। इन जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित 'मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना' के कार्यक्रम में उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। नाराज सरपंचों का कहना है कि वे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी उन्हें आमंत्रण पत्र तक देना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। सरपंचों ने सीधे तौर पर महिला बाल विकास अधिकारी पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकारी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित न करना न केवल उनका अपमान है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की भी अनदेखी है हमें हमारे ही क्षेत्र में हो रहे सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी नहीं दी जा रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में सरपंचों को बुलावा तक नहीं भेजा गया। अगर चुने हुए प्रतिनिधियों की ही पूछ-परख नहीं होगी, तो हम जनता की समस्याओं को लेकर किसके पास जाएंगे? हमने कलेक्टर साहब से शिकायत की है और उचित कार्यवाही की मांग की है।" सरपंचों के इस दल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है और क्या महिला बाल विकास विभाग अपनी इस कार्यप्रणाली में सुधार करता है।


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