धमतरी में नाबालिगों से दुष्कर्म के तीन मामलों में बड़ा फैसला जिला न्यायालय ने तीन दोषियों को सुनाई 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा, प्रत्येक पर 3000 रुपये का अर्थदंड
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और सख्त न्यायिक फैसला सामने आया है। धमतरी जिला एवं सत्र न्यायालय ने नाबालिगों से दुष्कर्म के तीन अलग-अलग मामलों में सुनवाई पूरी करते हुए तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने तीनों दोषियों को पॉक्सो एक्ट एवं भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 3000-3000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार, जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज इन गंभीर मामलों की पुलिस ने संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ जांच की थी। पर्याप्त साक्ष्य, दस्तावेज और गवाहों के आधार पर पुलिस द्वारा आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान आरोप प्रमाणित पाए जाने पर न्यायालय ने कठोर फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को लंबी सजा से दंडित किया।
पहला मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र का है, जहां नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी तोरण लाल जोशी (24 वर्ष), निवासी ग्राम दोनर को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 एवं भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 3000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
दूसरा मामला भखारा थाना क्षेत्र से संबंधित है। यहां नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सागर उर्फ करण साहू (21 वर्ष), निवासी ग्राम गुहेली, जिला बेमेतरा के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस जांच और न्यायालयीन सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार दिया गया। न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 3000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
तीसरा मामला धमतरी क्षेत्र का है, जिसमें नरेंद्र कुमार मंडावी (21 वर्ष), निवासी भंडारवाड़ी, धमतरी को नाबालिग से दुष्कर्म के अपराध में दोषी पाया गया। न्यायालय ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी मानते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 3000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
धमतरी पुलिस ने बताया कि जिले में महिलाओं एवं नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2026 के दौरान थाना सिटी कोतवाली धमतरी, चौकी बिरेझर, थाना सिहावा एवं थाना मगरलोड क्षेत्र के कई मामलों में भी आरोपियों को कठोर सजा दिलाई जा चुकी है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं एवं नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में त्वरित जांच कर मजबूत साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा रहे हैं, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके और अपराधियों में कानून का भय बना रहे।
जिला न्यायालय के इस फैसले को महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस कठोर निर्णय से यह स्पष्ट संदेश गया है कि नाबालिगों एवं महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। समाज के विभिन्न वर्गों ने न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए इसे अपराधियों के खिलाफ मजबूत कार्रवाई बताया है।

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