शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार, कांकेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
कांकेर। कांकेर जिले में शादी का झांसा देकर एक युवती के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म करने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर युवती को धोखे में रखकर शारीरिक संबंध बनाने, मारपीट करने और लगातार प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान सागर देवनाथ (38 वर्ष), पिता परिमल देवनाथ, निवासी सिंगारभाट (कांकेर) के रूप में हुई है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वर्ष 2017 में भी उसके खिलाफ धोखाधड़ी, विवाह संबंधी अपराध, प्रताड़ना एवं जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर मामलों में अपराध दर्ज हो चुका है।
पीड़िता द्वारा थाना सिटी कोतवाली कांकेर में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने वर्ष 2020 में उससे प्रेम संबंध स्थापित किया था और जल्द ही शादी करने का भरोसा दिलाया था। इसी विश्वास का फायदा उठाकर आरोपी लगातार युवती का शारीरिक शोषण करता रहा।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी द्वारा कई बार युवती के साथ मारपीट की गई और विवाद कर उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। युवती का आरोप है कि 13 मई 2026 तक आरोपी उसके साथ धोखे से संबंध बनाता रहा और बाद में शादी करने की बात से पूरी तरह मुकर गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कांकेर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक (SP) निखिल अशोक कुमार राखेचा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) योगेश साहू के मार्गदर्शन तथा (SDOP) मोहसिन खान के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी प्रतीक बनसोडे के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी की तलाश तेज की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को उसके ग्राम सिंगारभाट स्थित निवास पर घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को संबंधित प्रकरण में आगे की न्यायिक प्रक्रिया हेतु माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।
इस पूरी त्वरित कार्रवाई में उप निरीक्षक सुरेन्द्र मानिकपुरी, सहायक उप निरीक्षक भुनेश्वरी भगत, आरक्षक रूद्र जुर्री तथा महिला आरक्षक सुभिया गोटा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस के आला अधिकारियों ने टीम की तत्परता और सक्रिय कार्रवाई की सराहना की है।

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