कांकेर में "नेक्स्ट जेन CG डायल-112" सेवा एवं मोबाइल फोरेंसिक लैब का शुभारंभ, आपातकालीन सेवाएं होंगी और अधिक तेज, सुरक्षित व प्रभावी
कांकेर। जिले में कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बनाने और आम नागरिकों को त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कांकेर पुलिस ने महत्वपूर्ण पहल की है। कांकेर पुलिस द्वारा "नेक्स्ट जेन CG डायल-112" आपातकालीन सेवा एवं मोबाइल फोरेंसिक लैब का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सांसद भोजराज नाग, विधायक आशाराम नेताम तथा पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा ने अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हाईटेक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि राज्य शासन एवं पुलिस विभाग की पहल पर शुरू की गई यह नई व्यवस्था आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराएगी। "एक्के नंबर, सब्बो बर" थीम के तहत संचालित इस सेवा का मुख्य उद्देश्य पुलिस सहायता, मेडिकल इमरजेंसी और राहत सेवाओं को एकीकृत कर आमजन तक तत्काल मदद पहुंचाना है।
नई डायल-112 सेवा के तहत अब सड़क दुर्घटना, आपराधिक घटनाएं, मेडिकल इमरजेंसी, आगजनी, महिलाओं से जुड़े अपराध, विवाद एवं अन्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इन हाईटेक वाहनों में अत्याधुनिक जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, वायरलेस कम्युनिकेशन तकनीक तथा आधुनिक कैमरे लगाए गए हैं, जिससे कंट्रोल रूम से वाहनों की लगातार निगरानी की जा सकेगी और घटनास्थल तक शीघ्र पहुंच सुनिश्चित होगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह नई व्यवस्था विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी, जहां समय पर सहायता पहुंचाना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है। अब किसी भी आपात स्थिति की सूचना मिलते ही निकटतम डायल-112 वाहन को तुरंत रवाना किया जाएगा, जिससे रिस्पॉन्स टाइम कम होगा और जरूरतमंदों को समय पर मदद मिल सकेगी।
इसके साथ ही जिले में मोबाइल फोरेंसिक लैब की शुरुआत को भी पुलिस व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस अत्याधुनिक मोबाइल लैब के माध्यम से घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन, परीक्षण एवं प्रारंभिक जांच की जा सकेगी। इससे अपराधों की जांच अधिक सटीक, पारदर्शी और मजबूत होगी तथा मामलों के जल्द खुलासे में सहायता मिलेगी। पुलिस विभाग का मानना है कि आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों के उपयोग से अपराधियों के खिलाफ मजबूत एवं वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में बड़ी मदद मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा ने कहा कि कांकेर पुलिस आम नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए लगातार नई तकनीकों का उपयोग कर रही है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में बिना घबराए डायल-112 सेवा का उपयोग करें, लेकिन इसका दुरुपयोग न करें। जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग से यह सेवा जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने आधुनिक डायल-112 वाहनों एवं मोबाइल फोरेंसिक लैब का निरीक्षण भी किया तथा नई सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

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