जामगांव में बदहाल इंटरनेट व्यवस्था से ग्रामीण त्रस्त, नेटवर्क के लिए पेड़ों और छतों पर चढ़ने को मजबूर

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नरहरपुर। देश जहां तेजी से डिजिटल युग की ओर बढ़ रहा है और केंद्र व राज्य सरकारें "डिजिटल इंडिया" अभियान के तहत गांव-गांव तक बेहतर इंटरनेट एवं संचार सुविधाएं पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, वहीं कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखंड अंतर्गत आने वाला ग्राम जामगांव आज भी खराब नेटवर्क और बेहद धीमी इंटरनेट सेवा की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। इंटरनेट की बदहाल स्थिति ने ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर दिया है और लोग बुनियादी ऑनलाइन कार्यों के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मोबाइल नेटवर्क तो किसी तरह दिखाई देता है, लेकिन इंटरनेट की स्पीड इतनी खराब है कि सामान्य वेबसाइट, मोबाइल एप्लीकेशन और ऑनलाइन सेवाएं तक सही तरीके से नहीं खुल पातीं। कई बार एक छोटा-सा ऑनलाइन कार्य पूरा करने में घंटों का समय लग जाता है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि बेहतर नेटवर्क की तलाश में लोगों को घरों की छतों, खेतों और यहां तक कि पेड़ों पर चढ़ना पड़ रहा है।

इंटरनेट की खराब स्थिति का सबसे ज्यादा असर स्कूली विद्यार्थियों और युवाओं पर पड़ रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई, परीक्षा फॉर्म भरने, प्रोजेक्ट कार्य और शैक्षणिक जानकारी प्राप्त करने में छात्रों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्र मोबाइल नेटवर्क की तलाश में गांव के अलग-अलग हिस्सों में भटकते नजर आते हैं।

आज के दौर में बैंकिंग, सरकारी योजनाएं, बिजली बिल भुगतान, मोबाइल रिचार्ज, ऑनलाइन खरीदारी और व्यापारिक लेन-देन जैसी अधिकांश सेवाएं इंटरनेट पर निर्भर हो चुकी हैं। लेकिन जामगांव में खराब नेटवर्क के कारण ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल ट्रांजेक्शन बार-बार फेल हो जाते हैं। इससे व्यापारियों और ग्रामीणों दोनों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई बार जरूरी भुगतान समय पर नहीं हो पाने के कारण ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर शहर जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त बर्बादी होती है।

ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी योजनाओं से जुड़े ऑनलाइन पंजीयन, दस्तावेज अपलोड और विभिन्न डिजिटल सेवाओं का लाभ लेने में भी भारी परेशानियां हो रही हैं। इंटरनेट सेवा बाधित रहने के कारण लोगों के कई महत्वपूर्ण कार्य अधूरे रह जाते हैं और उन्हें बार-बार चक्कर काटने पड़ते हैं।

ग्रामीणों ने संचार विभाग और संबंधित टेलीकॉम कंपनियों के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा है कि लंबे समय से शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि जामगांव में जल्द से जल्द नया मोबाइल टावर स्थापित किया जाए अथवा मौजूदा नेटवर्क क्षमता का विस्तार किया जाए, ताकि लोगों को बेहतर इंटरनेट सुविधा मिल सके।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी आधुनिक संचार सुविधाओं का सुचारू रूप से लाभ मिल सके।

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