मासूम बच्ची की मौत के बाद पखांजूर में बवाल प्राइवेट अस्पताल पर लापरवाही के गंभीर आरोप, परिजनों और ग्रामीणों का फूटा गुस्सा अस्पताल में हंगामा, तोड़फोड़ और स्टेट हाईवे पर घंटों चक्काजाम, ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

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कांकेर। कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान एक मासूम बच्ची की मौत के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश का माहौल बन गया। घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि अस्पताल परिसर में हंगामा, तोड़फोड़ और सड़क जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई। हालात बिगड़ते देख प्रशासन और पुलिस को तत्काल मौके पर पहुंचना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, मामला कापसी क्षेत्र में संचालित श्री रामचंद्र अस्पताल का बताया जा रहा है। परिजनों के मुताबिक बच्ची की तबीयत खराब होने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान अचानक उसकी हालत गंभीर हो गई और कुछ ही देर बाद बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई।

बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती अन्य बच्चों की तबीयत बिगड़ने की शिकायतें भी सामने आने लगीं, जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया। लोगों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। आक्रोशित लोगों का कहना था कि समय पर उचित उपचार और सही देखभाल नहीं मिलने के कारण बच्ची की जान चली गई।

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन अस्पताल पहुंच गए। लोगों ने अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति धीरे-धीरे उग्र होती चली गई और गुस्साए लोगों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। इस दौरान अस्पताल में रखे कई सामानों को बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दिया गया। वहीं अस्पताल में तोड़फोड़ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा।

आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल के सामने से गुजरने वाले स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई घंटों तक मार्ग प्रभावित रहने से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही।

घटना की जानकारी मिलते ही पखांजूर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को शांत कराने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दियाया। काफी समझाइश के बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो सकी।

गौरतलब है कि हाल ही में भानुप्रतापपुर क्षेत्र में भी एक बच्ची की मौत के मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खडे किए थे। अब पखांजूर में हुई इस घटना ने जिले की प्राइवेट अस्पताल व्यवस्था और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर नई बहस छेड़ दी है।

इधर ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल दुकानों की आड़ में अवैध रूप से इलाज किए जाने के मामलों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई गांवों में मेडिकल संचालक खुद को डॉक्टर बताकर लोगों का इलाज कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई जगहों पर घर बैठे स्वास्थ्य सुविधा देने और कम खर्च में इलाज करने का दावा किया जाता है, लेकिन बिना पर्याप्त योग्यता और संसाधनों के मरीजों का उपचार किया जाता है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई मामलों में बच्चों और गंभीर मरीजों का इलाज भी गांवों में ही किया जाता है, जिससे मरीजों की हालत और बिगड़ जाती है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की निगरानी कमजोर होने के कारण ऐसे कथित फर्जी इलाज केंद्र और मेडिकल संचालक खुलेआम संचालित हो रहे हैं। इससे ग्रामीणों की जान जोखिम में पड़ रही है।

स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही गांवों में अवैध रूप से इलाज करने वाले लोगों और मेडिकल दुकानों की जांच कर उचित कार्रवाई करने की भी मांग उठाई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है। बच्ची की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती जारी है।

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