कांकेर जिले के हाटकोंगेरा गांव में शव दफनाने को लेकर विवाद, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
कांकेर। कांकेर जिले के हाटकोंगेरा गांव में शव दफनाने को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा दोनों पक्षों से चर्चा कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 16 वर्ष पूर्व ईसाई धर्म अपनाने वाले एक परिवार के सदस्य का निधन होने के बाद उसके शव को नदी किनारे दफनाने की अनुमति ग्राम सरपंच द्वारा दिए जाने की बात सामने आई। ग्रामीणों का आरोप है कि यह अनुमति गांव के पटेल, सियान, गयता तथा अन्य ग्रामीणों से सामूहिक चर्चा किए बिना दी गई, जिससे गांव में नाराजगी फैल गई।
ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद गांव में बैठक आयोजित कर संबंधित परिवार को बुलाया गया। बैठक में परिवार की ओर से बताया गया कि उन्होंने सरपंच की अनुमति से शव दफनाया है। इसके बाद ग्रामीणों ने आग्रह किया कि अंतिम संस्कार गांव की पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार किया जाए तथा यदि परिवार अपनी पारंपरिक संस्कृति में वापस आना चाहे तो गांव के लोग उसका सहयोग करेंगे।
ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित परिवार ने इस प्रस्ताव से सहमति नहीं जताई और कहा कि अंतिम संस्कार ईसाई रीति-रिवाज से ही किया जाएगा। इसके बाद विवाद और गहरा गया। ग्रामीणों ने बैठक में यह भी कहा कि जो व्यक्ति गांव की परंपरा, रीति-रिवाज और संस्कृति को स्वीकार नहीं करता, उसे गांव की सामुदायिक भूमि में दफनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सरपंच ने गांव के पारंपरिक प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से सलाह-मशविरा किए बिना एकतरफा निर्णय लिया, जिससे विवाद की स्थिति बनी। वहीं, मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे तथा दोनों पक्षों को समझाइश देकर शांति बनाए रखने की अपील की।
फिलहाल गांव में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। प्रशासन ने सभी पक्षों से कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या तनावपूर्ण गतिविधि से बचने की अपील की है।

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