धमतरी में युवक की हत्या मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास, जिला न्यायालय का बड़ा फैसला
धमतरी। धमतरी जिले में मामूली विवाद के चलते 24 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या करने के चर्चित मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक आरोपी पर 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला धमतरी पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी विवेचना के आधार पर आया, जिसमें अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए।
यह घटना 31 जनवरी 2025 की रात लगभग 11 बजे की है। मृतक शंकर ढीमर (24 वर्ष) अपने साथी रितेश पेंडरिया के साथ मराठापारा स्थित एक छठी कार्यक्रम में शामिल होने गया था। कार्यक्रम से लौटने के बाद दोनों मराठा मंगल भवन के पास पीपल के पेड़ के नीचे बैठे हुए थे। इसी दौरान आरोपी मोनू उर्फ कुई ध्रुव और जन्मदेव सोरी वहां पहुंचे और पुराने विवाद को लेकर शंकर पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपियों ने उसके सीने, पेट और जांघ पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि घटना से दो-तीन दिन पहले मृतक द्वारा आरोपी के मामा की साइकिल वापस नहीं किए जाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
प्रकरण में थाना सिटी कोतवाली धमतरी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (1), 351 (2) सहपठित धारा 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया। समयबद्ध विवेचना पूरी कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत सशक्त साक्ष्यों और पुलिस विवेचना के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही विचारण अवधि के 529 दिनों का समायोजन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 468 के अंतर्गत प्रदान किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि यह निर्णय धमतरी पुलिस की निष्पक्ष, त्वरित और प्रभावी विवेचना का परिणाम है। गंभीर अपराधों में वैज्ञानिक जांच, मजबूत साक्ष्य संकलन और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से ही पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सकता है तथा अपराधियों में कानून का भय कायम रखा जा सकता है।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय ने इस प्रकरण की उत्कृष्ट विवेचना करने वाले तत्कालीन विवेचना अधिकारी निरीक्षक राजेश मरई की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि धमतरी पुलिस भविष्य में भी गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष विवेचना और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों को कठोर से कठोर सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास अवैध शराब बिक्री, जुआ, सट्टा, नशे का कारोबार, मारपीट, असामाजिक गतिविधियां या किसी भी प्रकार की संदिग्ध एवं अवैध गतिविधि की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल नजदीकी थाना, पुलिस कंट्रोल रूम अथवा डायल 112 पर दें। नागरिकों के सहयोग से ही अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है और समाज में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।

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