सरोना-दुधावा मार्ग पर जलभराव बना बड़ी मुसीबत, राहगीरों की बढ़ी परेशानी निर्माण कार्य से बाधित हुई जलनिकासी, ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग

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कांकेर। कांकेर जिले के सरोना से दुधावा जाने वाले राज्य मार्ग पर दुलसिंह पेट्रोल पंप के समीप इमली के पेड़ के पास स्थित ढलान वाली सड़क इन दिनों गंभीर जलभराव की समस्या से जूझ रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर लगभग एक से दो फीट तक पानी जमा हो गया है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से यह स्थान किसी तालाब जैसा दिखाई देने लगा है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, विद्यार्थी, कर्मचारी एवं छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, लेकिन जलभराव के कारण सभी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर भरे पानी के कारण वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।

सबसे अधिक परेशानी पैदल यात्रियों, साइकिल सवारों और दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। तेज रफ्तार से गुजरने वाले भारी वाहनों के कारण पानी के छींटे दूर तक उड़ते हैं, जिससे राहगीरों को काफी असुविधा होती है। कई बार जल्दबाजी में निकलने की कोशिश के दौरान दोपहिया वाहन चालक संतुलन खो बैठते हैं और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी उछालने को लेकर वाहन चालकों के बीच आए दिन विवाद की स्थिति बन जाती है, जो कई बार कहासुनी तक पहुंच जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

ग्रामीणों के अनुसार, जिस स्थान पर जलभराव हो रहा है उसके आसपास इन दिनों नए भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण के दौरान मिट्टी डालकर प्राकृतिक जलनिकासी मार्ग को बाधित कर दिया गया है, जिससे बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो रहा है। यदि पानी निकासी के लिए उचित नाली या मार्ग बनाया गया होता तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। लोगों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।

यह राज्य मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन है, लेकिन सड़क के रखरखाव और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष जलभराव वाले संवेदनशील स्थलों का समय पर सर्वेक्षण और आवश्यक सुधार कार्य नहीं किए जाते। वहीं, सड़क की नियमित मरम्मत, नालियों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था के अभाव में समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। वर्तमान में मार्ग के कई हिस्सों में गड्ढे और जलभराव लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं।

क्षेत्रवासियों ने लोक निर्माण विभाग एवं ग्राम पंचायत सरोना से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी रूप से पानी निकाल देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था, आवश्यकतानुसार नाली अथवा पुलिया का निर्माण तथा सड़क के ढलान में सुधार किया जाना चाहिए। साथ ही जिन निर्माण कार्यों के कारण प्राकृतिक जलनिकासी बाधित हुई है, उनकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए तत्काल स्थल निरीक्षण कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।

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