अंतागढ़ में धूमधाम से मनाया गया जिला स्तरीय विश्व आदिवासी दिवस, हजारों की संख्या में जुटे आदिवासी*.

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 लोकेशन  अंतागढ/आमाबेड़ा                               रिपोटींग  रमेश टंडन

एंकर 
अंतागढ़। अंतागढ़ में रविवार को जिला स्तरीय विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में 70  हजार  कार्य क्रम स्थल मे एवं  मैदान के बाहर रोड मे एक से डेढ़ लाख  से अधिक लोगों की मौजूदगी रही। इस दौरान आदिवासी समाज ने अपनी एकजुटता और शक्ति का प्रदर्शन करते हुए विशाल रैली निकाली।

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर दोपहर करीब 12 बजे शक्ति प्रदर्शन के रूप में विशाल रैली का आयोजन किया गया। रैली उन्मुक्त खेल मैदान से शुरू होकर गोल्डन चौक होते हुए वापस खेल मैदान पहुंची। पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में पहुंचे समाज के लोगों ने रैली में उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली के दौरान आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता की झलक देखने को मिली।

कार्यक्रम के दौरान समाज प्रमुखों ने मंच से अपने विचार रखे और आदिवासी समाज के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सहित विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की। समाज में बेहतर कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के चलते पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

दोपहर करीब 3 बजे अंतागढ़ में तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के बावजूद कार्यक्रम में मौजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। आयोजकों और समाज के लोगों ने बारिश के बीच भी कार्यक्रम को जारी रखा। बारिश ने भी कार्यक्रम में शामिल लोगों के उत्साह और आत्मबल को कम नहीं किया।

कार्यक्रम में दिल्ली से पूर्व प्रोफेसर एवं प्रवक्ता लक्ष्मण यादव भी पहुंचे। उन्होंने अपने ओजस्वी संबोधन से उपस्थित लोगों को संबोधित किया। करीब एक घंटे तक चले उनके संबोधन में उन्होंने आदिवासी समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा सामाजिक एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के विकास के लिए शिक्षा को मजबूत करना और आने वाली पीढ़ी को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।

कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए लक्ष्मण यादव ने कहा कि आदिवासी समाज ने अपनी मांगों को मांग पत्र के माध्यम से सरकार के समक्ष रखा है। इन मांगों में समाज के अधिकारों और उन सुविधाओं से जुड़े विषय शामिल हैं, जिनसे आदिवासी समाज वंचित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समाज की जायज मांगों को स्वीकार कर उन पर गंभीरता से कार्य करती है तो इससे आदिवासी समाज के विकास और हित में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा।  अंतागढ  🆎 रमेश टंडन

विश्व आदिवासी दिवस के इस जिला स्तरीय आयोजन में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों की मौजूदगी रही। 

बाइट - लक्ष्मण यादव प्रवक्ता एवं पूर्व प्रोफेसर, 

बाइट - ललित नरेटी समाज प्रमुख,

बाइट - हेमलता मंडावी स्थानीय निवासी 

बाइट - शकुंतला तारम स्थानीय  निवासी,

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